एशिया कप की सुपर-4 स्टेज का पहला मुकाबला अफगानिस्तान और श्रीलंका के बीच खेला जा रहा है। इस मैच में श्रीलंकाई कप्तान दसुन शनका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला किया था, जिसके बाद मैदान पर रहमानुल्लाह गुरबाज़ ने बेहरमी से लंकाई गेंदबाज़ों की पिटाई करनी शुरू कर दी। गुरबाज़ ने महज़ 22 गेंदों पर अपनी फिफटी पूरी की, लेकिन इससे पहले मैदान पर एक ड्रामा देखने को मिला जिसके दौरान लंकाई टीम के खिलखिलाए चेहरे मायूसी से भर गए।

Advertisement

जी हां, रहमानुल्लाह गुरबाज़ को आउट करने का लंकाई टीम के पास बेहद ही अच्छा मौका था लेकिन किस्मत ने बहादुर का साथ दिया और गुरबाज़ कैच होने के बाद भी नॉन आउट ही रहे। जिस समय यह घटना घटी उस दौरान गुरबाज़ महज़ 7 रन के स्कोर पर बल्लेबाज़ी कर रहे थे।

Advertisement

यह घटना अफगानिस्तान की पारी के तीसरे ओवर की है। महीश थीक्षना गेंदबाज़ी कर रहे थे। इस ओवर की चौथी गेंद पर गुरबाज़ बड़ा छक्का लगा चुके थे और अब वह अपने चित परिचित अंदाज में हवाई फायर करने के पूरे मूड में थे। ओवर की पांचवीं गेंद पर भी गुरबाज़ ने तेजी से शॉट लगाया, लेकिन इस बार उनका एक हाथ बल्ले से छूट गया और वह शॉट पर भरपूर पावर नहीं डाल सके।

यह गेंद सीधा लॉग-अन पर गई, जिसके बाद गुनाथिलका ने एक शानदार कैच लपक लिया। पहली नज़र में बल्लेबाज़ आउट नज़र आ रहा था और अंपायर ने भी सॉफ्ट सिग्नल आउट ही दिया था। इस दौरान गुरबाज़ मैदान के बाहर जाने की तैयारी कर चुके थे, नया खिलाड़ी मैदान पर भी आ गया। लेकिन तभी असल ड्रामा शुरू हुआ। गुरबाज मैदान पर रोक गए, मैदान पर आया बल्लेबाज़ वापस पवेलियन लौट गया और अंपायर ने रिप्ले देखने का फैसला किया।

बड़ी स्क्रीन पर रिप्ले चलाया गया और यह साफ हो गया कि कैच के दौरान गुणाथिलका का पैर बाउंड्री को छू गया था। थर्ड अंपायर ने बल्लेबाज़ को नॉट आउट करार दिया। लंकाई टीम के खुशी से खिलखिलाए चेहरे पल भर में मायूसी से भर गए। इस मुकाबले में गुरबाज़ ने 45 बॉल पर 86 रन बनाए। 

Advertisement

लेखक के बारे में

Nishant Rawat
Nishant Rawat - A cricket Analyst and Cricket fan who is covering cricket for the last 2 years. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews. One can reach him at +91 - 8826184472 Read More
ताजा क्रिकेट समाचार