रोहित शर्मा से लेकर विराट कोहली तक तमाम ऐसे दिग्गज क्रिकेटर हुए हैं जिन्हें अगर उनके कप्तान और मैनेजमेंट के द्वारा बैक नहीं किया जाता तो शायद वो इतने बड़े खिलाड़ी नहीं बन पाते जितने बड़े खिलाड़ी वो आज हैं। हालांकि, क्रिकेट इतिहास में ऐसे तमाम उदाहरण देखने को मिलेंगे जब हदपार टैलेंट होने के बावजूद किसी क्रिकेटर को उतना सपोर्ट नहीं मिला जितना वो डिजर्व करता था। पूर्व भारतीय दिग्गज खिलाड़ी युवराज सिंह ने धोनी का उदाहरण देते हुए अपने दिल का दर्द बयां किया है।

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स्पोर्ट्स 18 के साथ बातचीत के दौरान युवराज सिंह ने कहा, 'माही (एम एस धोनी) को देखो उन्हें उनके करियर के अंतिम पड़ाव पर काफी ज्यादा बैक किया गया था। उन्हें विराट कोहली और रवि शास्त्री की तरफ से बहुत ज्यादा सपोर्ट किया गया था। वो उन्हें वर्ल्ड कप खिलवाने भी ले गए थे। वो आखिरी तक खेलते रहे और उन्होंने 350 वनडे मैच भी खेले।'

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युवराज सिंह ने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि किसी भी खिलाड़ी को बनाने के लिए सपोर्ट करना बेहद जरूरी है। लेकिन, भारतीय क्रिकेट में हर किसी को सपोर्ट नहीं मिलता।' बता दें कि टीम इंडिया को 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड जितवाने में युवराज सिंह ने अहम योगदान दिया था।

युवराज सिंह को 2011 वर्ल्ड कप में उनके हरफनमौला खेल के लिए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के खिताब से भी नवाजा गया था। हालांकि, 2017 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में फाइनल में पाकिस्तान के हाथों मिली हार के बाद युवराज सिंह पर गाज गिरी थी। युवराज सिंह को जब टीम से ड्रॉप किया गया उस वक्ट टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और हेड कोच रवि शास्त्री थे।

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Prabhat Sharma
Prabhat Sharma - A cricket Analyst and Cricket fan. Worked with Jansatta (The Indian Express Group), Times Now Hindi Digital Team, Zee Media in the past. One can reach him at +91 - 8765180685 Read More
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