आपने ओवल में खेले गए पांचवें टेस्ट में क्रिस वोक्स को टूटे कंधे के साथ खेलते हुए जरूर देखा होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि वोक्स के अलावा भी कई क्रिकेटर्स ऐसे रहे हैं जिन्होंने अपनी टीम के लिए जान की बाज़ी लगा दी और जरूरत पड़ने पर क्रिकेट के मैदान पर खेलने के लिए उतरे, तो चलिए आपको उन पांच क्रिकेटर्स के बारे में बताते हैं जिन्होंने अपने दर्द को बहादुरी में तब्दील कर दिया। 

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5. मैल्कम मार्शल - वेस्टइंडीज (1984)

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मैल्कम मार्शल को क्रिकेट जगत के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में से एक माना जाता था। साल 1984 में इंग्लैंड के खिलाफ जुलाई में टेस्ट मैच खेला जा रहा था और इस टेस्ट के दौरान फील्डिंग करते हुए मार्शल का बायां अंगूठा दो जगह से टूट गया था और डॉक्टर्स ने उन्हें 10 दिन तक आराम करने की सलाह दी थी लेकिन जब उनकी टीम को इंग्लैंड के खिलाफ बल्लेबाजी में जरूरत पड़ी तो उन्होंने बाएं हाथ में प्लास्टर लगाकर बल्लेबाजी करने का फैसला किया और मार्शल की बहादुरी की बदौलत लैरी गोम्स ने शतक जड़ा। बाद में, इस पूर्व तेज गेंदबाज ने आगे बढ़कर आक्रमण का नेतृत्व किया और अपनी टीम को गेंद से मैच जिताने में मदद की। मैल्कम मार्शल ने 53 रन देकर 7 विकेट लेकर अकेले ही मैच और सभी क्रिकेट फैंस का दिल जीत लिया।

4. शेन वॉटसन - ऑस्ट्रेलिया/चेन्नई सुपर किंग्स (2019)

आईपीएल 2018 के फाइनल में शेन वॉटसन ने जो किया वो शायद बहुत कम क्रिकेटर कर पाते। चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए इस फाइनल में शेन वॉटसन को प्रतियोगिता की शुरुआत में ही चोट लग गई थी। वॉटसन ने रन लेते समय डाइव लगाई जिसके चलते उनका बायां घुटना लहुलूहान हो गया लेकिन इसके बावजूद वॉटसन ने बल्लेबाजी करना जारी रखा और अपनी टीम के लिए 80 रनों की शानदार पारी खेली। हालांकि, अंत में वॉटसन के आउट होते ही मुंबई ने एक रन के अंतर से मैच और ट्रॉफी जीत ली।

3. ग्रीम स्मिथ - साउथ अफ्रीका (2009)

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2009 के ऑस्ट्रेलियाई दौरे के दौरान सिडनी टेस्ट में मिचेल जॉनसन ने बाउंसर से स्मिथ का हाथ तोड़ दिया था। ऐसा लग रहा था कि स्मिथ ना सिर्फ इस टेस्ट से बल्कि लंबे समय के लिए क्रिकेट से भी बाहर हो गए हैं लेकिन मैच के अंतिम क्षणों में स्मिथ एक हाथ से बल्लेबाजी के लिए उतरे। उनको बल्लेबाजी करता देख दर्शकों ने उनका तालियों के साथ जोरदार स्वागत किया और साथ ही विपक्षी कप्तान रिकी पोंटिंग ने भी उनकी जमकर तारीफ की।

2. अनिल कुंबले - भारत (2002)

2002 के एंटीगुआ टेस्ट में अनिल कुंबले वेस्टइंडीज के खिलाफ बल्लेबाजी करते वक्त चोटिल हो गए थे। मर्विन डिलन की गेंद कुंबले के जबड़े पर जा लगी जिससे वो वहीं, पर लहुलूहान हो गए। खून थूकने के बावजूद, उन्होंने 20 मिनट तक संघर्ष जारी रखा। उसके बाद वो अपने जबड़े पर पट्टी बांधकर गेंदबाजी करने के लिए उतरे। ये सीरीज का चौथा टेस्ट था, जो ड्रॉ रहा।

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1. ऋषभ पंत - भारत (2025)

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इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई टेस्ट सीरीज में भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत की बहादुरी का उदाहरण भी देखने को मिला जब पैर में चोट लगने के एक दिन बाद, भारत के उप-कप्तान ऋषभ पंत इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट मैच के दूसरे दिन ओल्ड ट्रैफर्ड में बल्लेबाजी के लिए आए। मैनचेस्टर में पहले दिन के आखिरी सत्र के दौरान, भारतीय पारी के 68वें ओवर में 37 रन पर बल्लेबाजी कर रहे ऋषभ पंत ने क्रिस वोक्स की यॉर्कर-लेंथ गेंद पर जोरदार रिवर्स स्वीप लगाने की कोशिश की लेकिन गेंद उनके दाहिने पैर में जा लगी। इस गेंद के लगने के बाद पंत को रिटायर्ड हर्ट होकर जाना पड़ा। स्टंप्स के बाद पंत को स्कैन के लिए भेजा गया और नतीजों में उनके पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। हालांकि, फ्रैक्चर के बावजूद, वो दूसरे दिन बल्लेबाजी के लिए उतरे। ये नजारा देखकर हर कोई उनका मुरीद हो गया।

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Shubham Yadav
Shubham Yadav - A cricket Analyst and fan, Shubham has played cricket for the state team and He is covering cricket for the last 5 years and has worked with Various News Channels in the past. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews Read More
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