इयान बॉथम क्रिकेट के इतिहास के सबसे बेहतरीन हरफनमौला खिलाड़ियों में से एक हैं। बॉथम ने अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी से कई मौकों पर इंग्लैंड की टीम को जीत दिलाई है। 1981 में हुई एशेज सीरीज को खासतौर पर इयान बॉथम की बेहतरीन गेंदबाजी और बल्लेबाजी के लिए याद किया जाता है। 

1981 में इंग्लैंड औऱ ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली सबसे प्रतिष्ठित टेस्ट सीरीज एशेज का 51वां एडिशन खेला गया था जिसे इंग्लैंड ने 3-1 से जीता था। इंग्लैंड को सीरीज में मिली इस शानदार जीत में इयान बॉथम ने बहुत महत्वपूर्ण रोल निभाया था जिसके चलते इस एशेज सीरीज को "बॉथम एशेज" के नाम से जाना जाता है। 

ट्रैंट ब्रिज में हुए इस सीरीज के पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 4 विकेट से हरा दिया था जबकि लॉर्ड्स में हुआ दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ हो गया था और 6 मैचों की सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली थी। हैंडिग्ले में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच से पहले इयान बॉथम ने कप्तान के पद से इस्तीफा दे दिया था औऱ उनकी जगह माइक बियरले को टीम की कमान सौंपी गई थी। 12 मैचों में टीम की कप्तानी करते हुए बॉथम इंग्लैंड को एक भी टेस्ट नहीं  जिता ता पाए थे और यही नही इसके चलते वह अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में झूझ रहे थे। 

हेडिंग्ले टेस्ट में बॉथम ने कराई थी वापसी

हेडिंग्ले टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान किम ह्यूजेस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी 9 विकेट पर 401 रन बनाकर घोषित कर दी। बॉथम ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 95 रन देकर 6 विकेट लिए। यह पहला मौका था जब टेस्ट क्रिकेट में बॉथम ने 5 या उससे ज्यादा विकेट लिए थे। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम बुरी तरह लड़खड़ा गई और 174 रन पर सिमट गई और उसे फॉलोऑन खेलने उतरना पढ़ा। बॉथम 50 बनाकर इंग्लैंड की पहली पारी के सबसे सफल बल्लेबाज रहे थे। 

दूसरी पारी में भी इंग्लैंड की शुरूआत बेहद खराब रही और 5 विकेट केवल 105 रन के स्कोर पर ही गिर गए। जिस समय इयान बॉथम बल्लेबाजी करने क्रीज पर आए उस समय इंग्लैंड को पारी की हार से बचने के लिए 122 रन की जरूरत थी। इसके बाद बॉथम ने अपने करियर की सबसे बेहतरीन पारियों में एक पारी खेली और टीम के लिए एक आशा की किरण जगाई कि मैच अभी भी बचाया जा सकता है। बॉथम ने ग्राहम डिले के साथ मिलकर आठवें विकेट के लिए 117,  क्रिस ओल्ड के साथ नौंवे विकेट के लिए 67 और बॉब विलिस के साथ दसवें विकेट के लिए 37 रन की पार्टरनशिप करी और अंत में ऑस्ट्रेलिया के सामनें जीत के लिए 130 रन का लक्ष्य रखा।  इयान बॉथम ने नाबाद 149 रन की पारी खेली थी। बॉथम की इस पारी की हर तरफ काफी सराहना की गई। विजडन में टेस्ट क्रिकेट के सबसे बेहतरीन बल्लेबीजी प्रदर्शनों की लिस्ट में बॉथम की यह पारी नंबर 4 पर है। 

मजबूत बल्लेबाजी क्रम वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए 130 रन का लक्ष्य बहुत आसान था और ऑस्ट्रेलिया की शुरूआत अच्छी रही और उसने एक विकेट के नुकसान पर 56 रन बना लिए। लेकिन नियति ने इंग्लैंड के लिए कुछ और ही सोचा था। बॉब विलिस जिन्हें मैच से पहले अनफिट माना जा रहा था उन्होंने जादुई गेंदबाजी करी और 43 रन देकर ऑस्ट्रेलिया के 8 खिलाड़ियों को आउट किया ।  ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम केवल 111 रन पर ही सिमट गई थी और इंग्लैंड 18 रन से मैच जीत गया था । बॉब विलिस का यह गेंदबाजी प्रदर्शन विजडन के सबसे बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शनों की लिस्ट में नंबर 8 पर है। इसके इलावा 1894-95 के बाद इंग्लैंड दूसरी ऐसी टीम बन गई थी जिसने फॉलोऑन करने के बाद टेस्ट मैच जीता था। 

चौथा टेस्ट मैच - एजबेस्टन

एक कम स्कोर वाले मैच में चौथी पारी में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 151 रन का लक्ष्य रखा था। ऑस्ट्रेलियाई टीम 4 विकेट पर 105 रन बनाकर बड़ी ही आसानी से जीत की ओर बढ़ रही थी। लेकिन इसके बाद इयान बॉथम ने तूफानी गेंदबाजी करते हुए पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को 121 रन पर समेट दिया और इंग्लैंड 29 रन से यह मैच जीत गई थी। बॉथम ने केवल 11 रन देकर पांच विकेट लिए थे। 

पांचवां टेस्ट - ओल्ड ट्रैफोर्ड

दूसरी पारी में इयान बॉथम द्वारा 86 गेंदों में बनाए गए ताबड़तोड़ शतक की बदौलत इंग्लिश टीम ने ऑस्ट्रेलिया के सामनें जीत के लिए 505 रन का विशाल लक्ष्य रखा था। बल्लेबाजी के बाद गेंदबाजी में भी बॉथम ने गेंद से भी शानदार प्रदर्शन कर के ऑस्ट्रेलिया को दो महत्वपूर्ण विकेट लिए थे। इंग्लैंड यह टेस्ट मैच 103 रन से जीती थी। 

छठा टेस्ट, कैनिंग्टन ओवल

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच में ओवल में खेला गया सीरीज का छठा औ आखिरी मैच ड्रॉ हुआ था लेकिन इस मैच में ही बॉथम ने अपना जादू बरकरार रखा था और पूरे मैच में 10 विकेट अपने नाम किए थे। 

सीरीज में बॉथम पूरे प्रदर्शन पर एक नजर 

मैच  - 6, पारियां - 12, नॉट आउट - 1, रन - 399, 100 रन - 2, 50 रन -1, औसत. - 36. 27, स्ट्राइक रेट - 93.22, विकेट - 34, 5 विकेट – 3 बार , 10 विकेट – 1 बार, औसत - 20.58, मैन ऑफ द मैच – 3 बार

बल्ले औऱ गेंद से बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए इयान बॉथम को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया था और इसलिए इस एशेज सीरीज को बॉथम एशेज कहा जाता था। 


(साहिर उस्मान)

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
Saurabh Sharma is the Editorial Head of Cricketnmore Hindi and a passionate cricket journalist with over 14 years of experience in sports media. He began his journalism career with Navbharat Times, part of the Times of India Group, before moving to television media with Sadhna News. In 2014, he joined Cricketnmore and currently serves as the editor of the platform.
Known for his deep understanding of cricket statistics and unique storytelling approach, Saurabh specializes in cricket news, match analysis, records, and feature stories. Along with editorial responsibilities, he also works as a show producer for popular cricket video series such as Cricket Tales, Cricket Flashback, and Cricket Trivia. Read More
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