अगर ब्रैडमैन ने इंग्लैंड के विरुद्ध 37 टेस्ट में 19 शतक के साथ 5028 रन बनाए तो जैक हॉब्स (Jack Hobbs) ने ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 41 टेस्ट में 12 शतक के साथ 3636 रन बनाए। आज का हर क्रिकेट प्रेमी निश्चित रूप से जानता है कि इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा 100 सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के नाम हैं- क्या इसी तरह से फर्स्ट क्लास क्रिकेट सबसे ज्यादा 100 बनाने वाले का नाम याद है? जवाब है- जैक हॉब्स, जिन्होंने फर्स्ट क्लास करियर में 199 शतक लगाए। पुरानी किताबों में ये जिक्र है कि वे बड़े बेताब थे कि 100 वाले 200 स्कोर का रिकॉर्ड बना दें पर ये अनोखी गिनती उन्हें नसीब नहीं हुई- ठीक वैसे ही, जैसे ब्रैडमैन को टेस्ट में 100 की औसत नसीब नहीं हुई। 

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कोई भी आज तक 199 शतक की गिनती के करीब भी नहीं पहुंचा। उनके बाद, पैट्सी हेंड्रेन ने 833 मैचों में 170 शतक बनाए। एक बात और- किसी ने भी जैक हॉब्स के 61,760 से ज्यादा रन भी, फर्स्ट क्लास क्रिकेट में नहीं बनाए है। इस इंग्लिश क्रिकेटर ने 1905 से 1934 तक, जो 834 मैच खेले उनमें 199 शतक और 273 अर्द्धशतक के साथ ये रन बनाए थे। 

एशेज की चर्चा में, हॉब्स की बात करते हुए एक बड़ा मजेदार सवाल ये सामने आता है कि क्या हॉब्स के 199 शतक की गिनती सही है? सालों तक विजडन अलमैनेक ने उनके नाम पर 197 शतक लिखे। जो विजडन को फॉलो कर रहे थे उन्होंने भी 197 शतक लिख दिए। अगर आप, हॉब्स के निधन पर, विज़डन में उन पर छपी श्रद्धांजलि पढ़ें तो उसमें भी 197 शतक लिखे हैं। कौन से थे ये दो शतक जो गलत रिकॉर्ड की वजह बने?

उनके शतक की गिनती की चर्चा इस साल तो और भी जरूरी है क्योंकि लगभग 100 साल पहले जैक हॉब्स ने अपना 100वां शतक बनाया  था- वह 9 मई 2023 का दिन था। इससे पहले, सिर्फ दो बल्लेबाजों ने ये रिकॉर्ड बनाया था- डॉ डब्ल्यू जी ग्रेस (126) और
टॉम हेवर्ड (104)। हॉब्स ने कुल 121 रन बनाए और सरे ने 10 रन से एक यादगार मैच जीत लिया।

अब सवाल ये आता है कि 197 या 199 शतक- किस रिकॉर्ड को सही मानें? टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन या सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले का नाम बदलता रहा पर सबसे ज्यादा शतक के रिकॉर्ड में, हॉब्स चुनौती को इतना मुश्किल बनाते रहे कि कोई करीब भी नहीं आ पाया।जहां तक गिनती की बात है तो ये इस पर निर्भर है कि आप रिकॉर्ड कहां देख रहे हैं? सालों तक सब विजडन को ही फॉलो करते रहे और इसी में छपी 197 शतक की गिनती सही मानते रहे। विजडन के इस अधिकार को एसोसिएशन ऑफ़ क्रिकेट स्टेटिसटीशियंस एंड हिस्टोरियंस  (ACSH) ने चुनौती दी। इस एसोसिएशन ने तो हर मैच के रिकॉर्ड की रिसर्च की। जब इस एसोसिएशन ने हॉब्स के शतक 197 से 199 कर दिए तो उसके बाद ही धीरे-धीरे सभी ने 199 शतक लिख दिए हॉब्स के नाम। शतक बदले तो रन भी बदल गए। 

जैक हॉब्स का करियर देखें तो वे 3 टीम के लिए खेले- इंग्लैंड, सरे और तीसरा नाम हैरान करने वाला है- महाराज कुमार ऑफ़ विजयनगरम इलेवन। विवाद हॉब्स के महाराजा ऑफ़ विजयनगरम इलेवन के लिए खेले मैचों का है। एसोसिशन ने इन मैचों से 2 शतक और 523 रन जोड़ दिए हॉब्स के रिकॉर्ड में। हॉब्स के करियर के कुल 100 इस तरह 197 से बढ़कर 199 हो गए। जब इस बारे में और रिसर्च हुई तो पता चला कि ये मामला तो तब भी उठा था जब हॉब्स खेल रहे थे। जब ये दो 100 उनके नाम पर लिखे गए तो उन्होंने खुद जोर देकर कहा था कि 'इन्हें शामिल न करें' क्योंकि ये किसी प्रदर्शनी मैच जैसे थे। विजी अपने मैचों की शान में दीवार पर लगे बोर्ड पर बनाए 100 का रिकॉर्ड लिख देते थे। ऐसा ही विवाद और कई खिलाडियों के, ऐसे ही मैचों का भी था और सालों चला।  

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हॉब्स 1930-31 में महाराजा ऑफ़ विजयनगरम की प्राइवेट टीम में शामिल हुए थे और इस टीम ने भारत और सीलोन में मैच खेले। हॉब्स भीड़ के बीच बहुत लोकप्रिय थे- 500 से ज्यादा रन बनाए जिसमें 2 शतक थे।
 

लेखक के बारे में

Charanpal Singh Sobti
Charanpal Singh Sobti is a veteran cricket writer with more than five decades of experience covering the game. At Cricketnmore, he brings his extensive knowledge, unique perspective and deep understanding of cricket to readers through insightful news, analysis, historical pieces and fascinating stories from the world of cricket. Read More
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