आईपीएल 2023 फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स की जीत के बाद के जो नज़ारे सबसे ज्यादा चर्चा में रहे उनमें से एक था महाराष्ट्र की क्रिकेटर उत्कर्षा पवार का स्क्रीन पर नजर आना। उनका दूसरा परिचय ये है कि तब वे ऋतुराज गायकवाड़ की गर्ल फ्रेंड थीं और अब पत्नी बन चुकी हैं। वहां उत्कर्षा को, धोनी का आशीर्वाद लेने के लिए, उनके पैर छूते भी देखा गया।  

Advertisement

उत्कर्षा 24 साल की तेज गेंदबाज, पुणे में रहने वाली पर इस शादी से ऋतुराज को टीम इंडिया से बाहर करने के लिए जिम्मेदार- शादी कुछ दिन पहले हो जाती तो डब्ल्यूटीसी फाइनल का ट्रिप, हनीमून ट्रिप बन जाता पर चूंकि 5 जून से पहले टीम में शामिल हो नहीं सकते थे इसलिए यशस्वी जायसवाल ने उनकी जगह स्टैंडबाय के तौर पर फ्लाइट ले ली।

Advertisement

बहरहाल पति-पत्नी दोनों के क्रिकेटर होने की एक और मिसाल सामने है। उत्कर्षा अभी घरेलू क्रिकेट खेली हैं जबकि ऋतुराज टीम इंडिया में आ चुके हैं- एक वनडे और 9 टी20 इंटरनेशनल उनके नाम हैं।  

पति-पत्नी दोनों क्रिकेटर की पूरी लिस्ट तो कभी नहीं बन पाई क्योंकि ज्यादातर पुराने क्रिकेटरों के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। हाल के सालों में ऐसी मिसाल की गिनती बढ़ी है।   'सेम सेक्स' जोड़ों को छोड़ दें तो सबसे चर्चित मिसाल ऑस्ट्रेलिया की एलिसा हीली-मिचेल स्टार्क हैं और दोनों टॉप क्रिकेटर।  

ऋतुराज-उत्कर्षा से पहले, भारत में पति-पत्नी क्रिकेटर की एक शानदार मिसाल का जिक्र यहां करते हैं और आप को इनके बारे में पढ़ कर जरूर ये लगेगा कि क्यों अब तक 

इनकी, अलग से भी, कभी चर्चा नहीं हुई?   

Advertisement

पत्नी- इंटरनेशनल क्रिकेटर रेशमा गांधी, विकेटकीपर-बल्लेबाज और सबसे ज्यादा हैरानी की बात ये कि अपने डेब्यू वनडे इंटरनेशनल में 100 बनाने के बावजूद सिर्फ दो वनडे ही खेले। 

उनके पति मनविंदर सिंह 'बांका'- वे सौरव  गांगुली और अनिल कुंबले जैसों के साथ 1989 में इंडिया अंडर-19 के लिए खेले। अजय जडेजा, विनोद कांबली, जतिन परांजपे, ज्ञानेंद्र पांडे, रंजीब बिस्वाल और आशीष जैदी भी इनके साथ खेलते थे। कई साल डीडीसीए में जूनियर सेलेक्टर, रणजी ट्रॉफी में रेलवे के लिए खेले और रिकॉर्ड- 1992 से 1994 के बीच 8 फर्स्ट क्लास मैच में 364 रन। उनके बारे ये बहुत कम चर्चा में रहा कि वे इशांत शर्मा के पहले गाइड भी थे- इशांत के घर के पास ही रहते थे। रेशमा भी रेलवे की क्रिकेटर थीं।  

एक किस्सा ये है कि इशांत जब किसी बड़े और मशहूर स्कूल में दाखिला लेने के लिए जूझ रहे थे तो मनविंदर ने ही, इस मामले में, उनकी मदद की थी- असल में खराब रिजल्ट की वजह से सलवान पब्लिक स्कूल ने जब आगे एडमीशन से इंकार कर दिया तो मनविंदर की बदौलत वे गंगा इंटरनेशनल स्कूल और रोहतक रोड जिमखाना क्रिकेट क्लब तक पहुंचे और यहीं से उनका करियर बना।  

Advertisement

 मनविंदर को जनवरी 1990 में फिरोजशाह कोटला में पहले यूथ टेस्ट में पाकिस्तान अंडर-19 (कप्तान- मोइन खान) के विरुद्ध खेलना था पर बदकिस्मत थे कि चोट के कारण मैच से बाहर हो गए और उनकी जगह अनिल कुंबले को मिली । कुंबले ने इस ब्रेक का पूरा फायदा उठाया और भारत को तीन विकेट से जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा कर एकदम चर्चा में आ गए। कुछ ही महीने बाद वे टेस्ट टीम के साथ इंग्लैंड की फ्लाइट में थे। मनविंदर, उसके बाद कनाडा चले गए- ये भी सही फैसला नहीं था और उसने उनके क्रिकेट करियर को रोक दिया। कोविड-19 ने जिन कुछ क्रिकेटरों की जान ली- वे उनमें से एक थे और तब 53 साल के थे।

रेशमा गांधी ने इंटरनेशनल क्रिकेट खेला- ओपनर थीं। रेशमा और मिताली राज ने 1999 में आयरलैंड के विरुद्ध, एक ही मैच में, इंटरनेशनल  क्रिकेट में डेब्यू किया था। वह 26 जून 1999 का दिन था और इन दोनों ने, पहले विकेट के लिए 258* रन की पार्टनरशिप के साथ उस समय का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। रेशमा ने 104* बनाए। हैरानी ये कि इसके बाद, रेशमा को इंग्लैंड के विरुद्ध सिर्फ एक और मैच खेलने का मौका मिला- 100 बनाने वाली क्रिकेटर को अब नंबर 7 बना दिया। रेशमा ने 18* बनाए । हैरानी की बात ये कि इस बेमिसाल रिकॉर्ड के बावजूद, रेशमा को फिर कभी टीम इंडिया में जगह नहीं मिली। उस समय अंजू जैन भी थीं और वे विकेटकीपर के तौर पर टीम इंडिया के सेलेक्टर्स की पहली पसंद रहीं।    
 

Advertisement

लेखक के बारे में

Charanpal Singh Sobti
Read More
ताजा क्रिकेट समाचार