ऐसा नहीं हो सकता कि क्रिकेट के दीवाने ब्यूटी से बिल्कुल बेखबर हों। इसलिए इस खबर को जरूर नोट किया होगा कि भारत 28 साल बाद, इस साल, 71वीं मिस वर्ल्ड पेजेंट ( प्रतियोगिता) का आयोजन कर रहा है- 18 फरवरी से 9 मार्च के बीच नई दिल्ली में भारत मंडपम और मुंबई में चमकदार जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में। मिस वर्ल्ड इवेंट 1951 में शुरू हुई थी। आप सोच रहे होंगे कि क्रिकेट के बीच, मिस वर्ल्ड इवेंट की चर्चा क्यों? इसके दो बड़े मजेदार क्रिकेट कनेक्शन हैं और इस बार पहले कनेक्शन का जिक्र करते हैं। 

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28 साल पहले यानि कि 1996 में बेंगलुरु में आयोजित हुई थी मिस वर्ल्ड इवेंट। भारत में तब इस इवेंट की लोकप्रियता, ऐश्वर्या राय के 1994 में मिस वर्ल्ड बनने (और साथ में उसी साल सुष्मिता सेन के मिस यूनिवर्स खिताब जीतने से) अपने शबाब पर थी। दूसरी ख़ास बात ये थी कि उस समय हर किसी के दिल पर छाए हुए फिल्म स्टार अमिताभ बच्चन की अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एबीसीएल) इस इवेंट का आयोजन भारत लाई थी। इस इवेंट का पहला क्रिकेट कनेक्शन ये कि इसका फाइनल बैंगलोर के क्रिकेट स्टेडियम- चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुआ था। इस स्टेडियम के प्रोफाइल में कहीं-कहीं ये जिक्र मिल जाएगा कि यहां मिस वर्ल्ड इवेंट का आयोजन हुआ था पर बड़ी मजेदार है यहां इवेंट के आयोजन की स्टोरी। क्रिकेट स्टेडियम में इवेंट था तभी तो अमिताभ बच्चन ने ख़ास तौर पर रवि शास्त्री को ऑर्गेनाईजेशन में भी शामिल कर लिया था। 12 नवंबर से शुरू हुई ये इवेंट 11 दिन की थी- फाइनल था 23 नवंबर को।

जैसे इस क्रिकेट कनेक्शन पर आज की पीढ़ी हैरान हो सकती है उसी तरह परंपराओं का सम्मान करने वाले भारत देश में तब मिस वर्ल्ड इवेंट का दोनों हाथ खोलकर स्वागत नहीं किया गया था। जगह-जगह, ख़ास तौर पर बैंगलोर में विरोध प्रदर्शन होने लगे। नतीजा ये रहा कि स्विमसूट राउंड को भारत से बाहर ले गए पर फाइनल तो बैंगलोर में ही था। 130 से ज्यादा देश की 'मिस' इस इवेंट में हिस्सा ले रही थीं। बड़ी तादाद में स्पांसर इस इवेंट से जुड़ गए और उसी हिसाब से फाइनल की तारीख नजदीक आते-आते विरोध बढ़ रहा था। इससे इंतजाम का खर्चा बढ़ गया और एबीसीएल को जबरदस्त घाटा हुआ- अमिताभ बच्चन के जबरदस्त कर्जे में डूबने का सिलसिला यहीं से शुरू हुआ था। 

विरोध इस बात पर था कि ऐसी इवेंट भारत की संस्कृति में फिट नहीं होती और महिलाओं का अपमान हो रहा है। चूंकि इवेंट का आयोजन चिन्नास्वामी स्टेडियम में था इसलिए ये क्रिकेट स्टेडियम भी विरोध के निशाने पर आ गया। यहां तक कि जब विरोध में एक व्यक्ति ने खुद को आग लगा ली और उसकी मृत्यु हो गई तो बात और बिगड़ गई। दूसरी तरफ राज्य सरकार ने इवेंट का हर तरह से साथ दिया। तब भी न पूरे टिकट बिके और जो बिके भी, सड़कों पर बेहद कम कीमत पर मिल रहे थे।  

फिर भी स्टेडियम के बाहर भारी इंतजाम तो चाहिए था- इस इवेंट से कुछ दिन पहले ही तो इसी स्टेडियम में 1996 क्रिकेट वर्ल्ड कप का सबसे हाई-प्रोफाइल भारत-पाकिस्तान मैच खेला गया था। उससे भी भारी इंतजाम इस इवेंट के लिए पुलिस ने किया और शहर के पुलिस चीफ एस.सी.बर्मन का नाम पूरे देश में इस वजह से चर्चा में था। 

क्रिकेट मैच देखने वाले स्टेडियम में एंट्री पर तलाशी और सामान जब्त किए जाने की शिकायत करते हैं- इस इवेंट के लिए किए इंतजाम के सामने ये तो कुछ भी नहीं। कई कोर्ट केस हो गए और लगभग सभी में कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन भी पार्टी था। इतना बड़ा ओपन एयर शो, स्टेडियम के लिए भी अलग ही अनुभव था। इस स्टेडियम में 1974-75 में पहले टेस्ट (विरुद्ध वेस्टइंडीज) को इतनी चर्चा नहीं मिली थी जितनी इस इवेंट ने दिला दी। 

जो नजारा आज तक किसी क्रिकेट स्टेडियम में देखने को नहीं मिला- इस इवेंट के दौरान इस स्टेडियम में देखने को मिला। हालांकि भविष्वाणी थी कि इवेंट के दिनों में मौसम साफ़ रहेगा, तब भी हजारों छाते मांगा लिए और जब वास्तव में बरसात आई तो एक अनुमान के अनुसार 35 हजार से ज्यादा छाते खुले हुए थे। 

पुलिस के भारी इंतजाम पर भी बड़ा खर्च हो रहा था और पुलिस की मांग पर ,मजबूरी में, अमिताभ बच्चन 2 करोड़ रुपये (जो उस वक्त बहुत बड़ी रकम थी) देना मान गए। शो की सुबह, अचानक ही पुलिस चीफ को खबर मिली कि अभी तक ये पैसा नहीं मिला है। उन्हें गुस्सा आ गया और क्रिकेट स्टेडियम ने अजीब नजारा देखा। जो लोग इवेंट देखने स्टेडियम के अंदर थे- उन सभी को पुलिस ने स्टेडियम के बाहर निकाल दिया और स्टेडियम सील कर दिया। खबर अमिताभ बच्चन (जो विंडसर मैनर होटल में ठहरे थे) के पास पहुंची तो वे भागे- चेक भेजा और तब स्टेडियम के गेट खुले।  

मिस ग्रीस- आइरीन स्क्लिवा बनीं मिस वर्ल्ड 1996, पूरी दुनिया में इवेंट का लाइव टेलीकास्ट देखा गया। स्टेडियम के अंदर इंतजाम इतना शानदार था कि कोई गलत घटना नहीं हुई और इवेंट की ऑफिशियल रिपोर्ट में लिखा है- 'रात साढ़े बारह बजे शो खत्म हो गया और 15-20 मिनट में, इतनी खूबसूरती से पूरे 30-35 हजार लोग, चींटियों की तरह गायब हो गए। सभी गेट खुल गए और वे बिना किसी आवाज़ या शोर गेट से चले गए। मैंने भारतीय भीड़ में इतना अनुशासन कभी नहीं देखा।' 

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कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन ने कई साल केस झेले पर सबसे बड़ी पीआईएल में कोर्ट ने क्रिकेट एसोसिएशन को कोई दोष नहीं दिया। अगली पोस्ट में इस इवेंट के दूसरे क्रिकेट कनेक्शन की बात करेंगे।
 

लेखक के बारे में

Charanpal Singh Sobti
Charanpal Singh Sobti is a veteran cricket writer with more than five decades of experience covering the game. At Cricketnmore, he brings his extensive knowledge, unique perspective and deep understanding of cricket to readers through insightful news, analysis, historical pieces and fascinating stories from the world of cricket. Read More
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