टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की सबसे चर्चित/ बेमिसाल फोटो कौन सी है? जैसे इस सवाल का कोई जवाब नहीं कि आज तक का सबसे बेहतरीन छक्का किसने लगाया, वैसे ही फोटो के बारे में कोई तय जवाब नहीं। आम चर्चा के हिसाब से ये फोटो सबसे अद्भुत हैं और आज भी क्रिकेट प्रेमियों को रोमांचित करती हैं :

  • जॉर्ज बेल्डम द्वारा खींची विक्टर ट्रम्पर की फोटो।
  • 1928 में वाली हैमंड के कवर-ड्राइव की फोटो- इसे हर्बर्ट फिशविक ने खींचा।
  • ब्रिसबेन के ऐतिहासिक टाई टेस्ट की आख़िरी गेंद पर उस रन आउट की फोटो जिससे टेस्ट टाई हुआ - इसे लोविट ने खींचा।
  • 1968 में द ओवल में आख़िरी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज को घेरे हुए 11 इंग्लिश क्रिकेटर- डेनिस औल्ड्स की फोटो।
  • पैट्रिक ईगर की 1975 में लॉर्ड्स में जेफ थॉमसन के एक्शन की फोटो।
  • जोंटी रोड्स की रन आउट के लिए स्टंप्स पर डाइव की फोटो।
Advertisement

इनमें से सबसे सबसे ज्यादा किस फोटो को चर्चा मिली, किसके बारे में सबसे ज्यादा लिखा गया और सबसे बड़ी बात उस फोटो के पीछे का किस्सा- ये सब देखना है तो ब्रिसबेन के टाई टेस्ट की फोटो को चुनेंगे। ये जितनी बेमिसाल फोटो है उतनी ही मजेदार है इसकी कहानी। बहुत संभव था कि उस ऐतिहासिक क्षण की कोई फोटो ही न मिलती ! इस टेस्ट के 60 साल पूरे होने के मौके पर इस फोटो की कहानी लिखते हैं। सभी जानते हैं कि ये ऑस्ट्रेलिया- वेस्टइंडीज सीरीज कमाल की थी और उसमें ब्रिस्बेन टेस्ट टाई रहा- टेस्ट इतिहास में इस नतीजे पर ख़त्म हुआ पहला टेस्ट और अब तक ऐसे सिर्फ दो टेस्ट खेले गए हैं।

आख़िरी दिन चाय का समय : ऑस्ट्रेलिया का स्कोर जीत के लिए 233 रन की जरूरत के सामने 109/6 था। आम तौर पर सभी ने मान लिया था कि टेस्टऑस्ट्रेलिया के हाथ से निकल चुका है। न सिर्फ दर्शक, रिपोर्टर और फोटोग्राफर भी अपने टाइप राइटर/ कैमरे समेटकर स्टेडियम से जाने लगे। फिजूल में एक रात और रुको- इससे अच्छा है, खर्चा बचाओ।

सब फोटोग्राफर चले गए पर दो डटे रहे- एज अखबार के रॉन लोविट और सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड के हैरी मार्टिन। असल में ये दोनों भी,एक दूसरे से प्रतिद्वंदिता में डटे हुए थे- एक जाता तो दूसरा भी चला जाता। अचानक खेल ने पलटा खाया और मैच एक तरफ़ा से रोमांचक नतीजे की तरफ मुड़ने लगा। अब ये हो गया कि कुछ भी संभव है। उस मौके पर दोनों फोटोग्राफर को पसीना आ रहा था- असल में हुआ ये कि इस आख़िरी रोमांचक मुकाम के लिए तो कोई भी तैयार नहीं था और दोनों का ग्लास कैमरा-प्लेट्स का खजाना कम होता जा रहा था। दोनों की हालत एक जैसी थी पर एक -दूसरे पर अपनी कमी जाहिर नहीं कर रहे थे। मुकाबले की वजह से दोनों आपस में बात भी नहीं करते थे।

जब स्कोर बराबर हो गया, तो दोनों फोटोग्राफर के पास सिर्फ एक- एक प्लेट बची थी यानि कि एक- एक फोटो। उस गेंद पर सभी नतीजे संभव थे पर सवाल ये था कि किस क्षण की फोटो खींचें- अगर उसके बाद कुछ ख़ास हो गया तो क्या होगा? अब दोनों के पास एक- दूसरे से बात करने/मिलने/ फोटो बांटने के अतिरिक्त कोई रास्ता नहीं बचा था- तय किया कि एक बल्लेबाज़ के एक्शन पर कैमरा लगाएगा तो दूसरा उसके बाद के एक्शन पर। हालत देखिए- टॉस किया कि कौन क्या क्लिक करेगा?

मार्टिन ने टॉस जीता- वे शॉट क्लिक करेंगे और ये जीत वाला ऐतिहासिक रन हो सकता था। लोविट के हिस्से में बाद का एक्शन- डीप में कैच, रन-आउट या बल्लेबाजों (या गेंदबाज) की जीत की खुशी।

इस गेंद पर क्रिकेट की सिर्फ दो फोटो मौजूद हैं- मार्टिन ने खींची शॉट लगाते बल्लेबाज लिंडसे क्लाइन की फोटो। लोविट की हालत दिल का दौरा पड़ने जैसी थी- किस वक़्त क्लिक करें? शॉट पर जो सोलोमन ने गेंद पकड़ी, दिख रहे एक स्टंप पर निशाना लगाया और गेंद सीधी स्टंप पर जा लगी। लोविट ने वहीं क्लिक कर दिया। ये तो कुछ मिनट के बाद तय हुआ कि टेस्ट टाई हुआ है।

लोविट ने टेस्ट इतिहास की सबसे चर्चित फोटो खींच ली थी पर इस फोटो का किस्सा अभी खत्म कहाँ हुआ है? लोविट ने इंतज़ार का जो जोखिम उठाया वह मास्टर स्ट्रोक साबित हुआ। इस सब के बावजूद लोवित को बड़ा पसीना आ रहा था और उनके चेहरे पर घबराहट साफ़ नज़र आ रही थी। इतनी 'ग्रेट' फोटो खींचने के बाद घबराहट क्यों थी?

वे मार्टिन से भी एक बात छिपा गए थे। असल में इस आख़िरी फोटो के लिए लोविट के पास सिर्फ एक डबल डार्क स्लाइड बची थी और उसमें भी वे ये निशान लगाना भूल गए थे कि उस दिन सुबह स्लाइड के किस तरफ को इस्तेमाल कर क्वींसलैंड के गवर्नर का फोटो खींचा था। उस समय वे सोच रहे थे कि काश सुबह गवर्नर को क्लिक नहीं किया होता! इस लास्ट एक्शन की फोटो के लिए उन्होंने अपने अंदाज़े से स्लाइड को लगा दिया था। फोटो तो ऐतिहासिक खींच ली पर अगर स्लाइड ही सही नहीं लगाई तो फोटो तो गई!

स्टेडियम से सीधे अपने स्टूडियो भागे ताकि 24 नेगेटिव और डबल डार्क स्लाइड को डेवलॅप कर सकें। जैसे ही फोटो सामने आई तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा ! एक ऐसी फोटो खींच ली थी जिसने अकेले ही उनके करियर का ग्राफ बदल दिया। लोविट ने क्रिकेट इतिहास की सबसे प्रतिष्ठित और मशहूर फोटो क्लिक की।

क्रिकेट के जानकार अक्सर ही दोनों टाई टेस्ट में समानताओं का जिक्र करते हैं पर एक समानता का कोई जिक्र नहीं करता और वह है दोनों टेस्ट में आख़िरी विकेट की फोटो का किस्सा। चेन्नई के टाई टेस्ट में क्या हुआ था- ये एक अलग स्टोरी है।


लेखक के बारे में

Charanpal Singh Sobti
Charanpal Singh Sobti is a veteran cricket writer with more than five decades of experience covering the game. At Cricketnmore, he brings his extensive knowledge, unique perspective and deep understanding of cricket to readers through insightful news, analysis, historical pieces and fascinating stories from the world of cricket. Read More
ताजा क्रिकेट समाचार