कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का आयोजन गुजरात के अहमदाबाद में किया जाएगा। देश में होने वाले इस वैश्विक आयोजन को लेकर खिलाड़ियों में रोमांच है। अहमदाबाद और गुजरात से जुड़े एथलीट विशेष रोमांचित हैं। एथलीटों का कहना है कि कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी से मिलने से देश की पहचान विश्व में एक मजबूत खेल राष्ट्र के रूप में बनेगी।
ट्रायथलीट प्रज्ञा मोहन ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी से भारतीय खेलों को एक नई पहचान मिलेगी और विश्व में देश की पहचान एक मजबूत खेल राष्ट्र के रूप में बनेगी। यह आयोजन न केवल देश के विकसित खेल ढांचे को दुनिया के सामने रखेगा बल्कि देशभर के खिलाड़ियों को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय खेलों का अनोखा एक्सपोजर भी देगा।"
प्रज्ञा मोहन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे हमेशा से भारत के खेलों को वैश्विक मंचों पर ऊंचाई पर ले जाने का विजन रखते हैं। पीएम मेरे खेल करियर में भी प्रेरणास्रोत रहे हैं। जब मैंने यह खेल शुरू किया तब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे, और बाद में प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने एथलीटों को लगातार प्रोत्साहित किया। बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले भी उन्होंने हमसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर हौसला बढ़ाया था।
2022 नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली प्रज्ञा ने कहा कि अहमदाबाद में भारतीय खिलाड़ियों को होम ग्राउंड और होम क्राउड का बड़ा लाभ मिलेगा। मौसम, भू-भाग और स्थानीय समर्थन से पदक जीतने की संभावनाएं और मजबूत होंगी।
रविन्द्र भदौरिया ने कहा, "कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी भारत को मिली है। लगभग 20 साल बाद भारत दूसरी बार इस बड़े आयोजन की मेजबानी करेगा। पीएम मोदी के विजन के तहत अहमदाबाद में विश्वस्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हुआ है। इससे भारत की खेल प्रतिष्ठा, पर्यटन, रोजगार और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, और अहमदाबाद दुनिया के एथलीटों का केंद्र बनेगा। इस गेम्स को लेकर युवा खिलाड़ियों में खुशी देखने को मिल रही है। आयोजन की मेजबानी मिलने पर एथलीटों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई भी दी है।"
पैरालंपिक खिलाड़ी भावना चौधरी ने कहा, "भारत के लिए गर्व का क्षण है। भारत को 20 साल बाद फिर से कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिली है। यह आयोजन नए भारत की वैश्विक पहचान को मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले से ही खेल का समर्थन करते हैं। भारत का प्रदर्शन 2010 कॉमनवेल्थ से बेहतर होगा।"
रविन्द्र भदौरिया ने कहा, "कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी भारत को मिली है। लगभग 20 साल बाद भारत दूसरी बार इस बड़े आयोजन की मेजबानी करेगा। पीएम मोदी के विजन के तहत अहमदाबाद में विश्वस्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हुआ है। इससे भारत की खेल प्रतिष्ठा, पर्यटन, रोजगार और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, और अहमदाबाद दुनिया के एथलीटों का केंद्र बनेगा। इस गेम्स को लेकर युवा खिलाड़ियों में खुशी देखने को मिल रही है। आयोजन की मेजबानी मिलने पर एथलीटों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई भी दी है।"
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कबड्डी खिलाड़ी साक्षी ने कहा कि अहमदाबाद में होने वाले 2030 के कॉमनवेल्थ की तैयारी के लिए भारत सहित गुजरात के युवा खिलाड़ी जुट गए है। अपने शहर में कॉमनवेल्थ खेलना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अहम भूमिका रही है।