भारत में महिलाओं को शक्ति के स्त्रोत के रूप में देखा जाता है। मौजूदा समय में बिंदियारानी देवी ने अपनी ताकत से भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रोशन किया है। भविष्य में देश को उनसे वैश्विक मंचों पर पदकों की उम्मीद है।
27 जनवरी 1999 को इम्फाल, मणिपुर में जन्मीं बिंदियारानी देवी देश की सर्वाधिक प्रतिभाशाली वेटलिफ्टिंग खिलाड़ी हैं। अपनी ताकत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने इस खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। मणिपुर में वेटलिफ्टिंग खेल को गंभीरता से लिया जाता है। यही वजह है कि बेहद कम उम्र में बिंदियारानी को इस खेल से लगाव हो गया। कड़ी मेहनत के दम पर स्थानीय प्रतियोगिताओं में बड़ी सफलता अर्जित करने के बाद बिंदियारानी देवी पर राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान गया।
राष्ट्रीय स्तर पर बिंदियारानी देवी ने 49 किलोग्राम भार वर्ग में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया। साथ ही अपनी फिटनेस, सही पोषण और मानसिक तैयारी का ख्याल रखते हुए खुद को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया।
मणिपुर की इस खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बड़ी पहचान कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में मिली। 2019 में, उन्होंने इंटरनेशनल वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के इवेंट्स में गोल्ड मेडल जीतकर नाम कमाया। उनकी यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि थी बल्कि भारत की महिला वेटलिफ्टिंग के बढ़ते रुतबे में भी योगदान रही।
राष्ट्रीय स्तर पर बिंदियारानी देवी ने 49 किलोग्राम भार वर्ग में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया। साथ ही अपनी फिटनेस, सही पोषण और मानसिक तैयारी का ख्याल रखते हुए खुद को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया।
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बिंदियारानी अपने मेहनती दृष्टिकोण के लिए जानी जाती हैं। अनुशासन, कोचिंग और परिवार के समर्थन को सफलता की कुंजी बताने वाली इस खिलाड़ी से भविष्य में ओलंपिक और अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में देश के लिए पदक की उम्मीद की जाती है।