टीकरी गांव के निरंजन सिंह उर्फ रिंकू कंषाना ने पूरे विश्व में भारत का परचम लहराया है। रिंकू ने बुल्गारिया के अलबेना में आयोजित 27वीं अंतरराष्ट्रीय पैरा आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर न सिर्फ मुरैना, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन कर दिया।
इस प्रतियोगिता में 58 देशों के खिलाड़ी शामिल हुए थे, लेकिन निरंजन सिंह ने अपने दमखम और जज्बे से इतिहास रचा। उन्होंने कठिन परिस्थितियों और कड़े मुकाबलों के बीच तीसरा स्थान हासिल करते हुए देश के लिए पदक जीता।
निरंजन सिंह ने आईएएनएस से कहा, "परिवार ने मेरा मनोबल बढ़ाया है। मैं चाहता हूं कि भविष्य में और भी बड़ा मुकाम हासिल करूं।"
उन्होंने कहा, "मैंने जिला स्तर पर शुरुआत की थी। इसके बाद नेशनल लेवल के मुकाबले खेले। आज मैं वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीत चुका हूं। मैं चाहता हूं कि अगले साल मैं देश के लिए गोल्ड मेडल जीतूं। अगली वर्ल्ड चैंपियनशिप का आयोजन भारत में ही होगा। मुझे इस बार गोल्ड न जीतने का बहुत मलाल है। मैं अब जमकर तैयारी करूंगा। अगले साल मैं गोल्ड जीतूंगा।"
यह सिर्फ एक मेडल नहीं है। यह निरंजन सिंह के संघर्ष और मेहनत का प्रतीक है। इस पदक को उन्होंने दिन-रात कड़ी मेहनत से हासिल किया है। मुझे प्रशासन और स्पॉन्सर का भरपूर सपोर्ट मिला है।
उन्होंने कहा, "मैंने जिला स्तर पर शुरुआत की थी। इसके बाद नेशनल लेवल के मुकाबले खेले। आज मैं वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीत चुका हूं। मैं चाहता हूं कि अगले साल मैं देश के लिए गोल्ड मेडल जीतूं। अगली वर्ल्ड चैंपियनशिप का आयोजन भारत में ही होगा। मुझे इस बार गोल्ड न जीतने का बहुत मलाल है। मैं अब जमकर तैयारी करूंगा। अगले साल मैं गोल्ड जीतूंगा।"
Also Read: LIVE Cricket Score
आज पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। हर गली-मोहल्ला, हर गांव-कस्बा निरंजन सिंह की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है। निरंजन सिंह की यह सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा है। उनकी कहानी बताती है कि मेहनत और संघर्ष से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी पहचान बनाई जा सकती है।