भारतीय पुरुष हॉकी टीम एफआईएच प्रो लीग 2025-26 के निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है। आठ मैचों में सिर्फ चार अंक हासिल करने वाली टीम फिलहाल नौ टीमों के बीच अंकतालिका में सबसे निचले स्थान पर है और रेलीगेशन (निचले डीवीजन में भेजे जाने) के खतरे का सामना कर रही है। पाकिस्तान के बिना अंक के आखिरी स्थान पर रहने के कारण भारत उससे ऊपर है। अगले सीजन में अपनी जगह सुरक्षित रखने के लिए भारतीय टीम को आगामी मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
भारत ने अब तक खेले गए आठ मैचों में तीन ड्रॉ और एक शूट-आउट बोनस अंक हासिल किया है। ऐसे में टीम की निगाहें नीदरलैंड्स और इंग्लैंड में होने वाले प्रो लीग मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां हर अंक बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इन मुकाबलों का महत्व केवल तालिका में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि ये मैच अगस्त 2026 में बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले एफआईएच हॉकी विश्व कप की तैयारियों का भी अहम हिस्सा हैं।
हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारतीय टीम प्रो लीग के नीदरलैंड्स चरण में वापसी करेगी। टीम 14 जून को रॉटरडैम में मेजबान नीदरलैंड्स के खिलाफ मुकाबले से अपने अभियान की शुरुआत करेगी। इसके बाद 17 और 18 जून को जर्मनी के खिलाफ लगातार दो मैच खेले जाएंगे। 21 जून को नीदरलैंड्स के खिलाफ दूसरा मुकाबला खेलकर टीम इस चरण का समापन करेगी। इसके बाद भारतीय टीम लंदन रवाना होगी, जहां वह अपने पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान और मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ दो-दो मुकाबले खेलेगी।
मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कहा, "नीदरलैंड और इंग्लैंड जैसी शीर्ष रैंकिंग वाली टीमों के खिलाफ खेलना भारतीय टीम के लिए सही परीक्षा होगी। जवाबी आक्रमण में प्रभावी रहना और सभी मुकाबलों में निरंतरता बनाए रखना है। ये मैच टीम की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद करेंगे और विश्व कप से पहले सुधार के क्षेत्रों को रेखांकित करेंगे।"
नीदरलैंड्स का दौरा भारतीय टीम को वहां की परिस्थितियों और माहौल से परिचित होने का भी अवसर देगा। यही देश आगामी विश्व कप की मेजबानी करने वाला है, इसलिए खिलाड़ियों को मैदान और परिस्थितियों का अनुभव मिलना भविष्य के लिए लाभदायक साबित हो सकता है।
मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कहा, "नीदरलैंड और इंग्लैंड जैसी शीर्ष रैंकिंग वाली टीमों के खिलाफ खेलना भारतीय टीम के लिए सही परीक्षा होगी। जवाबी आक्रमण में प्रभावी रहना और सभी मुकाबलों में निरंतरता बनाए रखना है। ये मैच टीम की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद करेंगे और विश्व कप से पहले सुधार के क्षेत्रों को रेखांकित करेंगे।"
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दिलीप टिर्की ने मनप्रीत की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह रिकॉर्ड उनके समर्पण, कौशल और भारतीय हॉकी के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मनप्रीत भारतीय हॉकी के कई ऐतिहासिक क्षणों के केंद्र में रहे हैं, जिनमें टोक्यो ओलंपिक 2020 का कांस्य पदक भी शामिल है।