रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) ने ओलंपियन विनेश फोगाट के उस आरोप को खारिज कर दिया है, जिसमें फोगाट ने नेशनल ट्रायल्स के दौरान रेसलर निर्मला बूरा के साथ गलत बर्ताव का आरोप लगाया था।
फेडरेशन का कहना है कि निर्मला बूरा हरियाणा पुलिस के बैनर तले मुकाबला करना चाहती थीं, जो फेडरेशन से जुड़ा हुआ नहीं है। डब्ल्यूएफआई के अनुसार, ऐसे हालात में निर्मला बूरा को स्टेट चैंपियनशिप में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।
आलोचनाओं का जवाब देते हुए डब्ल्यूएफआई के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "निर्मला बूरा के बारे में मेरा सवाल यह है कि क्या उन्होंने डिस्ट्रिक्ट लेवल पर हिस्सा लिया था? अगर नहीं, तो हम उन बच्चों को कैसे नजरअंदाज कर सकते हैं, जिन्होंने वहां मुकाबला किया और जीतकर इस मुकाम तक पहुंचे? लेकिन चलिए इसे एक पल के लिए नजरअंदाज कर देते हैं। निर्मला अब हरियाणा पुलिस का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं, एक ऐसी संस्था जो डब्ल्यूएफआई से जुड़ी भी नहीं है। ऐसे में उन्हें स्टेट चैंपियनशिप में मुकाबला करने की इजाजत कैसे दी जा सकती है?"
अधिकारी का कहना है कि विनेश इस मामले में 'बेवजह' फेडरेशन को घसीट रही हैं, यह देखते हुए कि इस मामले को स्टेट बॉडी को सुलझाना है। नेशनल फेडरेशन ने स्टेट बॉडी से इस मामले का रिव्यू करने और रिपोर्ट जमा करने को कहा है।
आलोचनाओं का जवाब देते हुए डब्ल्यूएफआई के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "निर्मला बूरा के बारे में मेरा सवाल यह है कि क्या उन्होंने डिस्ट्रिक्ट लेवल पर हिस्सा लिया था? अगर नहीं, तो हम उन बच्चों को कैसे नजरअंदाज कर सकते हैं, जिन्होंने वहां मुकाबला किया और जीतकर इस मुकाम तक पहुंचे? लेकिन चलिए इसे एक पल के लिए नजरअंदाज कर देते हैं। निर्मला अब हरियाणा पुलिस का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं, एक ऐसी संस्था जो डब्ल्यूएफआई से जुड़ी भी नहीं है। ऐसे में उन्हें स्टेट चैंपियनशिप में मुकाबला करने की इजाजत कैसे दी जा सकती है?"
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विनेश ने कहा था, "निर्मला बूरा हरियाणा की एक काबिल एथलीट हैं। हरियाणा में हुए नेशनल ट्रायल्स के दौरान उनके साथ बहुत गलत बर्ताव किया गया। निर्मला बूरा को ट्रायल्स में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं दी गई। उन्हें इसके पीछे की कोई वजह नहीं बताई गई। कोई आधिकारिक जानकारी भी नहीं दी गई।"