हॉकी इंडिया ने भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीले से केसरिया कर दिया है। इस पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पक्ष जहां इस निर्णय का स्वागत कर रहा है, वहीं विपक्ष ने इसे सरकार के दबाव में लिया गया फैसला बताया है।
भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलकर नीले को भगवा करने पर कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने आईएएनएस से कहा, "आप अभी सत्ता में हैं, आप चाहें तो रंग बदल सकते हैं। आगे बढ़िए और इसे अगले दो या तीन साल तक करते रहिए। उसके बाद, हमारे देश का तिरंगा असली रंग ही रहेगा।"
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने इस मुद्दे पर ने आईएएनएस से कहा, "सरकार की छोटी सोच साफ दिख रही है। अगर खेलों का भी भगवाकरण होने जा रहा है, तो यह सच में हैरानी की बात है।"
भारत के पूर्व हॉकी कप्तान वीरेन रस्किन्हा के भारत की नीली जर्सी को भगवा रंग से बदलने पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने कहा, "ये लोग मानसिक रूप से दिवालिया हो चुके हैं। आगे, वे पेड़ों को भी हरे रंग की जगह नारंगी रंग से रंग देंगे।"
पूर्व हॉकी खिलाड़ी जलालुद्दीन ने आईएएनएस से कहा, "कोई भी खिलाड़ी यह नहीं कहेगा कि यह सही फैसला है। हर खिलाड़ी आपको बताएगा कि नीली जर्सी टीम, खिलाड़ियों और खुद भारतीय हॉकी की पहचान थी। इसने ओलंपिक, वर्ल्ड कप और दूसरे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया।"
उन्होंने कहा, "अगर आप भारत का इतिहास देखें, तो किसी भी देश ने भारत जितने ओलंपिक मेडल नहीं जीते हैं। हमने वर्ल्ड कप भी जीता है, और आज भी भारतीय टीम अच्छा परफॉर्म करती है और दुनिया की टॉप टीमों में शामिल है। एक टीम की जर्सी उसकी पहचान बन जाती है। खिलाड़ी के तौर पर, हम हमेशा भारत की नीली जर्सी पहनने का इंतजार करते थे।"
पूर्व हॉकी खिलाड़ी जलालुद्दीन ने आईएएनएस से कहा, "कोई भी खिलाड़ी यह नहीं कहेगा कि यह सही फैसला है। हर खिलाड़ी आपको बताएगा कि नीली जर्सी टीम, खिलाड़ियों और खुद भारतीय हॉकी की पहचान थी। इसने ओलंपिक, वर्ल्ड कप और दूसरे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया।"
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इस विषय पर स्वामी गोपालाचार्य ने आईएएनएस से कहा, "भारतीय हॉकी टीम की भगवा जर्सी भारतीयता की पहचान का प्रतीक है।"