भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रहे पिकलबॉल खेल के लिए बड़ा कदम उठाते हुए इंडियन ओपन 2026 को अब आधिकारिक तौर पर पीडब्लूआर 1000 इवेंट का दर्जा दिया गया है। यह फैसला इंडियन पिकलबॉल एसोसिएशन (आईपीए) और ग्लोबल स्पोर्ट्स के बीच हुई महत्वपूर्ण साझेदारी के बाद लिया गया है।
इंडियन ओपन का चौथा संस्करण 1 से 5 अप्रैल, 2026 तक हैदराबाद के क्रॉसकोर्ट्स में आयोजित किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में 56 विभिन्न श्रेणियों में 1,500 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। आयोजकों के अनुसार, इस बार प्रतियोगिता पहले से अधिक बड़े स्तर पर आयोजित की जाएगी और इसमें देश-विदेश के कई प्रमुख खिलाड़ी भाग लेने वाले हैं।
इंडियन ओपन के पिछले संस्करण भी काफी सफल रहे हैं। पिछले तीन संस्करणों में 19 देशों के 4,000 से अधिक पिकलबॉल खिलाड़ियों ने भाग लिया है। आईपीए से आधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद यह टूर्नामेंट अब राष्ट्रीय ढांचे के तहत आयोजित होगा, जिससे भारत में पिकलबॉल को और अधिक संरचना और वैधता मिलने की उम्मीद है।
ग्लोबल स्पोर्ट्स और इंडियन पिकलबॉल एसोसिएशन के बीच हुई यह साझेदारी देश के सबसे बड़े निजी पिकलबॉल टूर्नामेंट को राष्ट्रीय खेल ढांचे से जोड़ने का काम करेगी। माना जा रहा है कि इससे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर के और भी बड़े टूर्नामेंट भारत में आयोजित किए जा सकेंगे।
इंडियन पिकलबॉल एसोसिएशन को भारत में इस खेल की आधिकारिक संचालन संस्था के रूप में मान्यता प्राप्त है। इसे भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय से राष्ट्रीय खेल संघ का दर्जा भी मिला हुआ है।
आईपीए के अध्यक्ष सूर्यवीर सिंह भुल्लर ने इस साझेदारी को भारतीय खेलों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय मंच प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है और इससे भारत में पिकलबॉल के विकास को नई गति मिलेगी।
इंडियन पिकलबॉल एसोसिएशन को भारत में इस खेल की आधिकारिक संचालन संस्था के रूप में मान्यता प्राप्त है। इसे भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय से राष्ट्रीय खेल संघ का दर्जा भी मिला हुआ है।
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इंडियन ओपन का पीडब्लूआर 1000 इवेंट में शामिल होना खिलाड़ियों के लिए भी काफी अहम माना जा रहा है। इससे एक व्यवस्थित रैंकिंग प्रणाली लागू होगी, जो खिलाड़ियों को बेहतर प्रतिस्पर्धी माहौल, स्पष्ट विकास पथ और एक समान प्रशासनिक ढांचा प्रदान करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से भारत में पिकलबॉल का स्तर और लोकप्रियता दोनों तेजी से बढ़ेंगे।