अंतरराष्ट्रीय जूडो फेडरेशन (आईजेएफ) की कार्यकारी समिति ने रूसी जूडोका को देश के राष्ट्रगान और रूसी झंडे के साथ अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में खेलने की इजाजत दी है।
शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय जूडो फेडरेशन ने गुरुवार को जारी बयान में कहा, "खेल लोगों और देशों को संघर्ष की स्थितियों और माहौल में जोड़ने वाली कड़ी है। एथलीटों की सरकारों या दूसरे राष्ट्रीय संस्थानों के फैसलों के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं है। खेल और एथलीटों की रक्षा हमारा कर्तव्य है।"
आईजेएफ ने कहा, "रूस दुनिया में जूडो के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। रूस की वापसी से निष्पक्षता, सबको साथ लेकर चलने और सम्मान के सिद्धांतों को बनाए रखते हुए सभी स्तरों पर मुकाबलों को बेहतर बनाने की उम्मीद है।"
प्रतिबंध हटाए जाने के बाद रूसी जूडोका पहली बार 28 से 30 नवंबर तक अबू धाबी में होने वाले ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे।
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी ने रूस-यूक्रेन विवाद शुरू होने के बाद से रूस और बेलारूस पर बैन लगाए हैं। सितंबर 2023 में आईओसी कार्यकारी बोर्ड ने इस साल की शुरुआत में रूसी और बेलारूसी एथलीटों को 2026 मिलान-कॉर्टिना विंटर ओलंपिक्स में न्यूट्रल इंडिविजुअल एथलीट के तौर पर हिस्सा लेने की इजाजत देने का फैसला किया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक कमेटी जनरल असेंबली ने भी बेलारूस और रूस की नेशनल पैरालंपिक कमेटियों की सदस्यता को शुरू करने के लिए वोट किया।
प्रतिबंध हटाए जाने के बाद रूसी जूडोका पहली बार 28 से 30 नवंबर तक अबू धाबी में होने वाले ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे।
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बता दें कि बेलारूसी एथलीटों को जून में अपने फ्लैग के नीचे मुकाबला करने की मंजूरी दे दी गई थी।