भारत के मशहूर 'क्यू खिलाड़ी' पंकज आडवाणी बिलियर्ड्स और स्नूकर दोनों खेलों में अपनी अद्भुत उपलब्धियों के लिए पहचाने जाते हैं। 'बिलियर्ड्स के जादूगर' ने अब तक कई विश्व खिताब जीते हैं। अपने शांत स्वभाव और सटीक खेल तकनीक के लिए युवाओं के प्रेरणा स्रोत बनने वाले पंकज आडवाणी ने '7 सितंबर' को भारतीय खेल जगत के लिए बेहद खास बनाया है।
16 साल पहले भारतीय स्टार खिलाड़ी पंकज आडवाणी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अनुभवी प्रतिद्वंद्वी माइक रसेल को शिकस्त देकर विश्व पेशेवर बिलियर्ड्स चैंपियनशिप का खिताब जीत लिया था। इस जीत के साथ आडवाणी ने साबित किया कि वह आधुनिक युग के सबसे सफल बिलियर्ड्स खिलाड़ियों में से एक हैं।
यह खिताबी मुकाबला माइक रसेल और पंकज आडवाणी के बीच 7 सितंबर 2009 को लीड्स में खेला गया था।
माइक रसेल सेमीफाइनल में भारत के रूपेश शाह को 1366-880 से शिकस्त देकर फाइनल में पहुंचे थे, जबकि आडवाणी ने हमवतन ध्रुव सितवाला को 1037-972 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी।
24 साल की उम्र में पंकज आडवाणी ने नॉर्दर्न स्नूकर सेंटर पर नौ बार के चैंपियन माइक रसेल को 2030-1253 से हराकर बड़ा उलटफेर करते हुए खिताब अपने नाम किया।
इसी के साथ पंकज आडवाणी विश्व पेशेवर बिलियर्ड्स चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाले दूसरे भारतीय बने। उनसे पहले साल 2006 में गीत सेठी ने यह टाइटल जीतकर इतिहास रचा था। उन्हीं गीत सेठी को टूर्नामेंट के लीग मैच में 818-482 से हराकर पंकज खिताबी मुकाबले तक पहुंचे थे।
यह पंकज आडवाणी का पहला पेशेवर बिलियर्ड्स विश्व खिताब था। इससे पहले पंकज एमेच्योर विश्व बिलियर्ड्स और स्नूकर चैंपियनशिप जीत चुके थे।
इसी के साथ पंकज आडवाणी विश्व पेशेवर बिलियर्ड्स चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाले दूसरे भारतीय बने। उनसे पहले साल 2006 में गीत सेठी ने यह टाइटल जीतकर इतिहास रचा था। उन्हीं गीत सेठी को टूर्नामेंट के लीग मैच में 818-482 से हराकर पंकज खिताबी मुकाबले तक पहुंचे थे।
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इस खिलाड़ी को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते अर्जुन अवॉर्ड, पद्म भूषण अवॉर्ड और पद्म श्री से नवाजा जा चुका है।