महिला प्रीमियर लीग (WPL) में मंगलवार का दिन एक अनोखे फैसले के नाम रहा, जब गुजरात जायंट्स की बल्लेबाज़ आयुषी सोनी टूर्नामेंट के इतिहास में रिटायर्ड आउट होने वाली पहली खिलाड़ी बनीं। उन्होंने 14 गेंदों पर 11 रन बनाए थे और टीम मैनेजमेंट ने रणनीतिक बदलाव के तहत उन्हें पवेलियन लौटने का संकेत दिया। ये फैसला चर्चा में तो था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि ठीक अगले ही दिन ऐसा ही एक और चौंकाने वाला फैसला देखने को मिलेगा।
बुधवार को हुए अगले मुकाबले में यूपी वॉरियर्ज़ की बल्लेबाज़ हरलीन देओल को भी रिटायर्ड आउट कर दिया गया, जबकि वो अच्छी लय में नज़र आ रही थीं। देओल ने 36 गेंदों में 47 रन बनाए थे और उनका स्ट्राइक रेट 130 से ज्यादा का था। उस समय टीम मज़बूत स्थिति में दिख रही थी, लेकिन इसके बावजूद हेड कोच अभिषेक नायर ने उन्हें रिटायर्ड आउट करने का फैसला किया, जिसने सभी को हैरान कर दिया।
हरलीन देओल ने पारी के दौरान कप्तान मेग लैनिंग के साथ 85 रन की अहम साझेदारी की थी। लैनिंग 16वें ओवर में आउट हो गईं और इसके तुरंत बाद 17वें ओवर की समाप्ति पर कोच ने देओल को बाहर बुला लिया। इसका मकसद आखिरी तीन ओवरों में तेजी से रन बनाने के लिए ऑलराउंडर क्लो ट्रायोन को बल्लेबाज़ी का मौका देना था। लेकिन ये रणनीति मैदान पर सफल साबित नहीं हो सकी।