इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज़ जो रूट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वो आधुनिक टेस्ट क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी क्यों माने जाते हैं। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेले जा रहे पांचवें एशेज टेस्ट के दौरान रूट ने अपना 41वां टेस्ट शतक जड़ते हुए एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आने से पहले रूट के नाम ऑस्ट्रेलियाई धरती पर कोई भी टेस्ट शतक नहीं था, लेकिन मौजूदा एशेज सीरीज़ में उन्होंने अब तक दो शतक लगाकर अपनी जबरदस्त फॉर्म का परिचय दिया है।
इससे पहले उन्होंने ब्रिस्बेन टेस्ट में भी शतकीय पारी खेली थी। जो रूट का ये प्रदर्शन केवल इंग्लैंड के लिए ही नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास के लिहाज़ से भी बेहद अहम माना जा रहा है। वो अब सचिन तेंदुलकर के टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन बनाने के वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए एक गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। रूट पहले ही टेस्ट क्रिकेट में दूसरे सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बन चुके हैं और अब उनका अगला लक्ष्य तेंदुलकर का रिकॉर्ड है।
पांचवें टेस्ट से पहले रूट के नाम 13,777 टेस्ट रन दर्ज थे, जबकि सचिन तेंदुलकर 15,921 रनों के साथ शीर्ष पर बने हुए थे। दोनों के बीच 2,144 रनों का अंतर था। इस अंतर को 2,000 से नीचे लाने के लिए रूट को 145 रनों की ज़रूरत थी, जिसे उन्होंने सिडनी टेस्ट के दूसरे दिन ही हासिल कर लिया। इस मुकाबले में रूट ने 160 रनों की शानदार पारी खेली, जो उनके टेस्ट करियर का 17वां 150 से अधिक का स्कोर रहा। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में श्रीलंका के महान बल्लेबाज़ महेला जयवर्धने को पीछे छोड़ दिया। अब रूट से आगे केवल सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा, कुमार संगकारा और सर डॉन ब्रैडमैन ही हैं।