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'आज वाह-वाह कर रहे हैं, कल यही लोग गाली भी देंगे'- रिंकू सिंह

केकेआर की टीम बेशक आईपीएल 2023 में अच्छा प्रदर्शन ना कर पाई हो लेकिन रिंकू सिंह ने इस सीजन में जो प्रदर्शन किया उसे फैंस शायद ही कभी भूल पाएंगे।

Shubham Yadav
By Shubham Yadav May 24, 2023 • 12:10 PM
'आज वाह-वाह कर रहे हैं, कल यही लोग गाली भी देंगे'- रिंकू सिंह
'आज वाह-वाह कर रहे हैं, कल यही लोग गाली भी देंगे'- रिंकू सिंह (Image Source: Google)
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आईपीएल 2023 में कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम बेशक खराब खेली हो लेकिन इस सीजन में केकेआर के युवा रिंकू सिंह ने जिस तरह का खेल दिखाया उसने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। रिंकू सिंह ने यश दयाल के खिलाफ जब पांच छक्के लगाए तो ऐसा लगा कि शायद ये एक तुक्का होगा लेकिन जब उन्होंने लगातार अपनी बल्लेबाजी से रन बनाए तो फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स को पता चल गया कि ये खिलाड़ी इस मंच पर तुक्के से नहीं बल्कि अपनी मेहनत और अनुशासन से पहुंचा है।

आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद रिंकू सिंह ने द इंडियन एक्सप्रेस के साथ खास बातचीत की जिसमें उन्होंने अपने पिछले दो महीनों के आईपीएल के बारे में तो बात की ही लेकिन साथ ही उन्होंने कई ऐसी बातें भी कही जो शायद सच हैं और फैंस को उन्हें जरूर सुनना चाहिए। रिंकू ने ये भी कहा कि जो लोग उन्हें आज पसंद कर रहे हैं वही लोग कल उन्हें गालियां भी देंगे।

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रिंकू ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान कहा, 'किसी ने मेरी मेहनत नहीं देखी और सब ने सिर्फ मेरी सफलता देखी। मैं उस पृष्ठभूमि से आता हूं जहां मेरे जीवन में कुछ भी नहीं था। मैं एक गरीब परिवार से आया था जिसके पास पैसे नहीं थे। मेरे पास कोई योग्यता या पढ़ाई नहीं थी। मेरी मां ने मुझे सफाई कर्मचारी का काम करने के लिए कहा ताकि मैं अपने परिवार के लिए कुछ पैसे कमा सकूँ। केवल एक चीज जो मुझे इस स्थिति से बाहर निकाल सकती थी वो क्रिकेट थी और मैं इसके लिए कितनी भी मेहनत करने को तैयार था। बहुत से लोगों ने समय-समय पर मेरी मदद की और जिस तरह केकेआर मेरे पीछे खड़ा रहा, यही एक कारण है कि मैं आज यहां हूं।'

आगे बोलते हुए रिंकू ने कहा, 'चोट के बाद की पूरी अवधि ने मुझे मानसिक रूप से मजबूत बना दिया। तीन साल पहले मेरे घुटने का ऑपरेशन हुआ था और मैं तीन महीने बिस्तर पर पड़ा रहा। मैं अपने पैरों को दो महीने से अधिक समय तक नीचे नहीं रख सका। लंगड़ाते चलता था। मेरे लिए सबसे बड़ा काम बाथरूम जाना था जो पहली मंजिल पर था, मुझे सीढ़ियां चढ़नी पड़ती थी। केवल मैं ही जानता हूं कि मैं किस दौर से गुजरा हूं। इसने मुझे कठिन बना दिया। एक विचार था कि आगे क्या होगा, सात महीने का अंतराल एक लंबी अवधि है। कहीं सब भूल तो नहीं जाएंगे? मैं मानसिक रूप से मजबूत था और मुझे पता था कि मैं वापसी करूंगा।'

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अपनी बात खत्म करते हुए रिंकू ने बताया, 'मैं वैसे ही बल्लेबाजी कर रहा था, उन पांच छक्कों ने मेरी जिंदगी बदल दी। पहले मुझे कम ही लोग जानते थे लेकिन अब उन पांच छक्कों के बाद हर कोई मुझे जानता है। भीड़ मेरा नाम लेती है रिंकू-रिंकू, रातोंरात अचानक हालात बदल गए लेकिन मुझे पता है कि मैं कहां से आया हूं। ये दो मिनट की प्रसिद्धि है, ये लोग जो आज वाह-वाह कर रहे हैं, अगर मैं फेल हो गया तो वही लोग कल गली भी देंगे।'

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