हाल ही में ताशकंद में हुए एफआईजी वर्ल्ड चैलेंज कप में रजत पदक जीतने वाली देश की जानी-मानी जिम्नास्ट प्रणति नायक ने कहा है कि प्रतियोगिता से पहले उन्हें शारीरिक दिक्कतों और मानसिक रुकावटों से जूझना पड़ा था। उन्होंने लगभग उम्मीद ही छोड़ दी थी, लेकिन उनके कोच ने उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
टखने में गंभीर चोट के कारण सात महीने के ब्रेक के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर वापसी कर रहीं, तीन बार की एशियन चैंपियनशिप मेडलिस्ट प्रणति का अभियान आखिरी समय में वायरल बुखार की चपेट में आने से लगभग पटरी से ही उतर गया था।
प्रणति ने शुक्रवार को भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) द्वारा आयोजित मीडिया बातचीत के दौरान आईएएनएस के सवाल के जवाब देते हुए कहा, "सच कहूं तो, प्रतियोगिता से पहले मुझे वायरल बुखार हो गया था। मेरी ट्रेनिंग बिल्कुल भी नहीं हो पा रही थी। प्रतियोगिता से ठीक दो सप्ताह पहले तक मेरी तैयारी बहुत अच्छी चल रही थी। बीमार पड़ने के बाद मैं उम्मीद खोने लगी थी। मेरे कोच मुझे लगातार प्रेरित करते रहे और पूछते रहे, 'तुम हार क्यों मान रही हो? तुम यह कर सकती हो।' उन्होंने मुझे बेहतरीन ट्रेनिंग दी।"