18 अक्टूबर, 2023 की तारीख शायद उरुग्वे के फुटबॉल इतिहास की सबसे यादगार तारीख में से एक है। इसी तारीख को उरुग्वे ने वर्ल्ड कप क्वालिफायर मैच में वो कर दिखाया था, जिसकी उम्मीद शायद किसी ने नहीं की थी। उरुग्वे ने 22 साल का सूखा खत्म करते हुए ब्राजील को हराया था। उरुग्वे की इस ऐतिहासिक जीत के नायक प्रमुख स्ट्राइकर डार्विन नुनेज रहे थे।
नुनेज द्वारा किए गए मैच में उस पहले गोल पर उरुग्वे के तमाम फैंस खुशी से झूम उठे थे। एक गोल दागने के साथ ही मुकाबले में दूसरे गोल करने में भी नुनेज ने अहम भूमिका निभाई थी। इस मुकाबले ने इंटरनेशनल स्टेज पर डार्विन नुनेज को पहचान दिलाने का काम किया था और उरुग्वे का नया सुपरस्टार बना दिया था।
हालांकि, नुनेज का यह सफर मुश्किलों से भरा रहा। नुनेज का बचपन बेहद गरीबी में गुजरा। उनकी मां बोतलें बेचकर दो वक्त की रोटी का गुजारा किया करती थी, जबकि नुनेज के पिता मजदूर थे। कभी-कभी हालात ऐसे हो जाते थे कि मां को भूखे पेट रहकर अपने दोनों बेटों को खाना खिलाना पड़ता था।