जयंत तालुकदार के विश्व कप फाइनल में पदक जीतने के 16 साल बाद भारत को पुरुष रिकर्व वर्ग में फिर से बड़ी सफलता मिली है। धीरज बोम्मादेवरा ने बेहद दबाव भरे शूट-ऑफ में शानदार संयम दिखाते हुए जीत हासिल की। इसके साथ ही वह तीरंदाजी विश्व कप फाइनल का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष तीरंदाज बन गए हैं।
दुनिया के नंबर 10 तीरंदाज और सेना के 25 वर्षीय खिलाड़ी धीरज ने साल्टिलो में हुए रोमांचक फाइनल में जापान के नाकानिशी जुन्या को 6-5 से हराया। पांच सेट के बाद मुकाबला 5-5 से बराबरी पर था, जिसके बाद शूट-ऑफ में धीरज ने 10 का स्कोर किया, जबकि नाकानिशी ने 9 का स्कोर किया और धीरज ने गोल्ड मेडल अपने नाम करने में सफल रहे।
यह सफलता धीरज के लिए और भी खास रही, क्योंकि पिछले दो तीरंदाजी विश्व कप फाइनल में वह पदक नहीं जीत पाए थे। 2023 और 2024 में उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा था। हालांकि, इस बार उन्होंने नॉकआउट मुकाबलों में शानदार खेल दिखाया और फाइनल में दुनिया के 20वें नंबर के तीरंदाज नाकानिशी का सामना किया।