आर्चरी (तीरंदाजी) को शुरुआत में पुरुषों का खेल माना जाता था। इस गेम में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी। हालांकि, महिलाओं के बीच इस खेल को भारत की स्टार खिलाड़ी डोला बनर्जी ने मशहूर किया। वह भारत की ओर से ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली महिला आर्चरी खिलाड़ी रहीं।
डोला बनर्जी का जन्म 2 जून, 1980 को पश्चिम बंगाल के बारानगर में हुआ। डोला को शुरुआत से ही आर्चरी के खेल में खास रुचि थी। यही वजह रही कि उन्होंने महज 8 साल की उम्र से ही निशाना लगाना शुरू कर दिया। इस खेल के प्रति लगाव और उनकी जिद को देखते हुए डोला के माता-पिता ने उनका दाखिला बारानगर तीरंदाजी क्लब में करा दिया। यहां डोला ने आर्चरी की बारीकियों को सीखा और धीरे-धीरे इस खेल में निपुण हो गईं।
इंटरनेशनल स्टेज पर डोला को पहली बार अपनी काबिलियत दिखाने का मौका 1996 में मिला। सैन डिएगो में हुई युवा विश्व चैंपियनशिप में डोला ने महज 16 साल की उम्र में हिस्सा लिया और शानदार प्रदर्शन करके दिखाया।