देश में तीरंदाजी के अग्रदूत माने जाने वाले श्याम लाल मीणा का निधन हो गया है। उनका निधन भारतीय तीरंदाजी के लिए बेहद निराशाजनक है। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। रविवार की रात को 61 वर्ष की अवस्था में इस दुनिया को अलविदा कहा।
1988 सियोल ओलंपिक में भारत की पहली ओलंपिक तीरंदाजी टीम के सदस्य रहे श्याम लाल मीणा पिछले कुछ वर्षों से लिवर से जुड़ी दिक्कतों से जूझ रहे थे। उनका निधन भारतीय तीरंदाजी के इतिहास के एक बेहद अहम हिस्से के समाप्ति की तरह है।
4 मार्च, 1965 को राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के केवड़िया गांव में जन्मे मीणा ने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तीरंदाजी के वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले परिवार में जन्मे मीणा ने एक पारंपरिक बांस के धनुष से अपने सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने सरकार की स्पेशल एरिया गेम्स योजना के तहत मदद पाने से पहले सिर्फ अपने दृढ़ संकल्प के दम पर अपनी प्रतिभा को निखारा।