कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज 23 जुलाई से होने जा रहा है। इस इवेंट की मेजबानी स्कॉटलैंड का ग्लासगो शहर करेगा। भारत के 124 खिलाड़ी इस बार मेडल पाने के लिए जद्दोजहद करते हुए नजर आएंगे। आइए आपको कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के सबसे यादगाल पलों के बारे में बताते हैं।
मिल्खा सिंह का पहला गोल्ड मेडल: साल 1934 में भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना पहला मेडल जीता था। यह मेडल कुश्ती में राशिद अनवर ने सिल्वर के रूप में दिलाया था। हालांकि, भारत को अपने पहले गोल्ड मेडल के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ा। देश को इस टूर्नामेंट में पहला गोल्ड कार्डिक में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 1958 में महान धावक मिल्खा सिंह ने दिलाया। मिल्खा ने 440 यार्ड स्पर्धा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया था।
मेजबानी में ऐतिहासिक प्रदर्शन: भारत ने साल 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की और इस साल देश का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में अपना सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया। भारत की झोली में 38 गोल्ड, 27 सिल्वर और 36 ब्रॉन्ज मेडल आए। यानी भारत ने कुल मिलाकर 101 मेडल जीते। इस प्रदर्शन को भारत दोबारा कभी दोहरा नहीं सका है।