नीरज चोपड़ा की ऐतिहासिक ओलंपिक जीत से प्रेरित होकर झारखंड की युवा जैवलिन थ्रोअर शिल्पा कुमारी ने ओलंपिक पदक जीतने और इस खेल में भारत की शीर्ष एथलीट बनने का लक्ष्य बनाया है।
गुमला जिले के एक सुदूर गांव के किसान परिवार से आने वाली शिल्पा कुमारी महिलाओं की अंडर-17 जैवलिन कैटेगरी में मौजूदा नेशनल रिकॉर्ड होल्डर हैं और देश की सबसे होनहार युवा टैलेंट में से एक बनकर उभरी हैं। शिल्पा ने जैवलिन के क्षेत्र में आने और बड़ी उपलब्धि को हासिल करने का सपना नीरज चोपड़ा के टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रदर्शन को देखने के बाद देखा था। उन्होंने अपने गांव के 'चौपाल' पर गांववालों के साथ टेलीविजन पर यह ऐतिहासिक पल देखा था।
साई मीडिया से बातचीत के दौरान शिल्पा ने कहा, "मैंने नीरज चोपड़ा को ओलंपिक्स में स्वर्ण जीतते देखा। इससे मुझे जेवलिन खेलने की प्रेरणा मिली। मैं भी उनकी तरह ओलंपिक पदक जीतना चाहती हूं। जब मैंने अपने गांव के लोगों को नीरज चोपड़ा की जीत का जश्न मनाते देखा, तो मैंने तय कर लिया कि जैवलिन में ओलंपिक पदक जीतना ही मेरी जिंदगी का मकसद होगा।"