भारत में पिछले कुछ वर्षों में जिन खेलों को बड़ी लोकप्रियता मिली है, उनमें मुक्केबाजी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। महिला और पुरुष दोनों वर्गों में भारतीय मुक्केबाजों ने वैश्विक स्तर पर बड़ी सफलता हासिल करते हुए देश का नाम रोशन किया है। इन मुक्केबाजों में एक नाम मोहम्मद हुसामुद्दीन का भी है।
मोहम्मद हुसामुद्दीन का जन्म 12 फरवरी 1994 को निजामाबाद, तेलंगाना में हुआ था। हुसामुद्दीन के घर में मुक्केबाजी का माहौल था। उनके पिता मोहम्मद शम्सुद्दीन एक बॉक्सर होने के साथ-साथ प्रसिद्ध कोच हैं। वह लंबे समय से निजामाबाद मुक्केबाजी का प्रशिक्षण केंद्र चलाते हैं। शम्सुद्दीन विश्व प्रसिद्ध महिला मुक्केबाज निखत जरीन के भी कोच रहे हैं।
हुसामुद्दीन के लिए मुक्केबाजी नया नहीं था। उनके 6 भाइयों में 4 मुक्केबाज रहे हैं। हालांकि उनके पिता पहले चाहते थे कि वे जिम्नास्ट बने, लेकिन घरेलू माहौल ने हुसामुद्दीन को मुक्केबाजी के लिए प्रेरित किया। इस क्षेत्र में आने के बाद उन्होंने अपने घर में सबसे बड़ी कामयाबी हासिल की और देश का नाम रोशन किया।