सैयद अली... भारतीय हॉकी का एक ऐसा नाम, जिन्होंने देश को साल 1964 में खेले गए टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलाने में अहम किरदार निभाया था। सैयद अली की गिनती भारत के सबसे आक्रामक खिलाड़ियों में होती है। 1960-70 के दशक में सैयद अपने तेज-तर्रार खेल, बेहतरीन बॉल कंट्रोल, और फॉरवर्ड लाइन में अटैक करने के लिए जाने जाते थे।
सैयद अली का जन्म 17 जून 1949 को मध्यप्रदेश के भोपाल में हुआ था। भोपाल को भारतीय हॉकी की नर्सरी कहा जाता था और इसी समृद्ध खेल संस्कृति ने सैयद अली को शुरुआती दौर में ही हॉकी की ओर प्रेरित किया। अपनी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय टीम में स्थान बनाया और जल्द ही फॉरवर्ड लाइन के भरोसेमंद खिलाड़ी बन गए।
सैयद अली... भारतीय हॉकी का एक ऐसा नाम, जिन्होंने देश को साल 1964 में खेले गए टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलाने में अहम किरदार निभाया था। सैयद अली की गिनती भारत के सबसे आक्रामक खिलाड़ियों में होती है। 1960-70 के दशक में सैयद अपने तेज-तर्रार खेल, बेहतरीन बॉल कंट्रोल, और फॉरवर्ड लाइन में अटैक करने के लिए जाने जाते थे।