वर्ल्ड कप से पहले भारतीय हॉकी टीमों की जर्सी का रंग 'नीले' से बदलकर 'केसरिया' करने पर ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने ऐतराज जताया है। उनका मानना है कि भारतीय हॉकी टीम का नीला रंग सिर्फ एक रंग नहीं है, बल्कि देश की खेल विरासत से जुड़ी एक भावना है।
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मुझे यह जानकर बहुत दुख हुआ कि भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का मशहूर रंग बदलकर केसरिया कर दिया गया है। भारतीय हॉकी टीम का नीला रंग सिर्फ एक रंग नहीं है, यह देश की खेल विरासत से जुड़ी एक भावना है। दशकों से, इस रंग ने हमें उम्मीद, जीत, हार और खेल में बेहतरीन प्रदर्शन की कोशिश में एक साथ जोड़े रखा है। हम ब्लू जर्सी पहने खिलाड़ियों के साथ रोए हैं, हंसे हैं, जश्न मनाया है और गर्व महसूस किया है। ब्लू जर्सी पहनकर हमारी टीमों ने ओलंपिक मेडल जीते हैं और दुनिया के मंच पर राष्ट्रगान बजा है। नीला रंग हमारे राष्ट्रीय ध्वज के नीले चक्र से आया है। यह हमारे राष्ट्रीय गौरव और पहचान का प्रतीक है। नीला रंग हर भारतीय का है।"
ओडिशा सरकार ने साल 2018 से भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों (सीनियर और जूनियर) को स्पॉन्सर करते हुए भारतीय हॉकी को समर्थन दिया, जिसे वर्ष 2036 तक बढ़ा दिया गया है।