उषा नेगिसेटी की गिनती भारत की मशहूर महिला मुक्केबाजों में की जाती है। समाज की बेड़ियों को तोड़कर उषा ने इस खेल में अपनी पहचान बनाई और विश्व स्तर पर देश का नाम रोशन किया। महिलाओं को इस खेल के प्रति प्रेरित करने में उषा का अहम योगदान भी रहा।
उषा का जन्म 13 अगस्त, 1984 को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में हुआ। उषा के पिता एन वी रमना खुद एक नेशनल मुक्केबाज थे और पिता को रिंग में देखकर ही उषा को धीरे-धीरे इस खेल से लगाव हो गया। जल्द ही उषा ने मुक्केबाजी में अपना करियर बनाने का फैसला कर लिया और वह 16 साल की उम्र में ही रिंग में उतर गईं। इसके बाद उषा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उषा ने अपने करियर की शुरुआत में द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित कोच आई. वेंकटेश्वर राव की देखरेख में मुक्केबाजी की बारीकियां सीखी।
उषा नेगिसेटी की गिनती भारत की मशहूर महिला मुक्केबाजों में की जाती है। समाज की बेड़ियों को तोड़कर उषा ने इस खेल में अपनी पहचान बनाई और विश्व स्तर पर देश का नाम रोशन किया। महिलाओं को इस खेल के प्रति प्रेरित करने में उषा का अहम योगदान भी रहा।