भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान और अनुभवी गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू का मानना है कि यदि भविष्य में फीफा विश्व कप में टीमों की संख्या बढ़ाकर 64 कर दी जाती है, तो भारत के लिए विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच तक पहुंचने की संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं। गुरप्रीत ने कहा कि फिलहाल हमें विश्व कप के लिए सोचने के बजाए अपनी रैंकिंग और प्रदर्शन में सुधार लाने पर ध्यान देना होगा।
जी5 के फीफा विश्व कप 2026 एक्सपर्ट पैनल का हिस्सा रहे गुरप्रीत सिंह ने कहा कि भारत के नजरिए से देखा जाए तो अधिक टीमों वाला विश्व कप निश्चित रूप से लाभदायक हो सकता है। जितनी ज्यादा टीमें टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी, भारत जैसी उभरती फुटबॉल टीमों के लिए क्वालीफाई करने के अवसर भी उतने ही बढ़ेंगे।
गुरप्रीत ने स्वीकार किया कि यूरोप और अन्य शीर्ष फुटबॉल देशों के खिलाड़ियों के लिए यह फैसला चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि वहां के खिलाड़ी पहले ही क्लब और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को मिलाकर सालभर में 50 से 60 मुकाबले खेलते हैं। ऐसे में विश्व कप का और विस्तार उनके शारीरिक और मानसिक दबाव को बढ़ा सकता है। फिर भी उनका मानना है कि फीफा इस तरह का कोई भी फैसला खिलाड़ियों के कार्यभार और प्रतियोगिताओं के कार्यक्रम को ध्यान में रखकर ही करेगा।