राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को भारत के राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में खिलाड़ियों के योगदान को रेखांकित किया। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अपना कर्तव्य निभाने वाला हर नागरिक देश की प्रगति में योगदान देता है।
अपने भाषण में राष्ट्रपति मुर्मु ने भारत के विकास में छात्रों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, डॉक्टरों, किसानों, श्रमिकों, कारीगरों, कलाकारों और विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों के साथ-साथ खिलाड़ियों के योगदान को भी विशेष रूप से सराहा। राष्ट्रपति ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस का उपयोग उस रास्ते पर विचार करने के अवसर के रूप में किया जाना चाहिए, जिस पर भारत 1947 में आजादी मिलने के बाद से चला है, और इससे जुड़ी जिम्मेदारियों को फिर से दोहराने के लिए भी इसका उपयोग किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मैं आप सभी को इस राष्ट्रीय त्योहार की हार्दिक बधाई देती हूं। कुछ ही घंटों में हमारा देश अपनी आजादी के 80वें वर्ष की शुभ शुरुआत का साक्षी बनेगा। देश और विदेश में रहने वाले सभी भारतीय इस त्योहार को बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। हमारा तिरंगा हमारी आजादी का प्रतीक है। हम इसे बहुत गर्व के साथ फहराते हैं।"