Team india t20 captain
श्रेयस अय्यर तक कैसे पहुंची टीम इंडिया की टी20 कप्तानी? 20 साल में 15 कप्तानों की पूरी कहानी
टी20 में भारत के बदलते कप्तान का किस्सा श्रेयस अय्यर के दौर में पहुंच गया है। शुरुआत बेलफ़ास्ट में आयरलैंड के विरुद्ध पहले टी20 इंटरनेशनल में हार के साथ हुई। मजेदार बात ये कि दिसंबर 2023 में अपने पिछले टी20 इंटरनेशनल के बाद, जून 2026 में जो अगला टी20 इंटरनेशनल खेला, उसमें वे कप्तान थे। भारत ने इससे पहले कभी किसी ऐसे खिलाड़ी को टी20 इंटरनेशनल में कप्तान नहीं बनाया था जो इतने लंबे समय तक टीम से बाहर रहा हो। श्रेयस अय्यर के लिए शुरुआत बहरहाल यादगार नहीं रही और 5 मैच के बाद भी उनका अपनी पहली जीत का इंतजार, एक अलग स्टोरी है।
श्रेयस भारत के 15वें टी20 इंटरनेशनल कप्तान हैं और उन्हें इस उम्मीद के साथ कप्तान बनाया कि वे लंबे समय तक और नियमित कप्तान की जरूरत पूरी करेंगे। टी20 इंटरनेशनल में भारत के कप्तान की लिस्ट देखें तो पता चलता है कि पिछले 14 कप्तान में से सिर्फ 4 ही लंबे समय तक टीम के कप्तान रहे हैं।
शुरुआत हुई वीरेंद्र सहवाग से और भारत के पहले टी20 इंटरनेशनल कप्तान ने जीत के साथ शुरुआत की थी (1 दिसंबर 2006 को जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ़्रीका के विरुद्ध)। तब भी दूसरा मैच नसीब न हुआ।
बहुत जल्द, सचिन तेंदुलकर की सलाह को मान, बीसीसीआई ने एमएस धोनी को कमान सौंप दी और 2007 से 2016 के बीच 72 टी20 इंटरनेशनल में वे कप्तान रहे जिसमें 41 जीत और 28 हार दर्ज कीं। उनकी ख़ास उपलब्धि: भारत ने 2007 का टी20 वर्ल्ड कप जीता, सबसे लंबे समय तक भारत के टी20 इंटरनेशनल कप्तान रहे और दबाव में सही फ़ैसले लेने और युवा टैलेंट को सामने लाने में उनके सपोर्ट की काफ़ी तारीफ़ हुई। सच तो ये है कि उन्होंने भारत का टी20 कल्चर बनाया।
जब वे उपलब्ध नहीं होते थे तो सुरेश रैना (2010–11 में 3 मैच) और अजिंक्य रहाणे (2015 में 2 मैच) कामचलाऊ कप्तान रहे। अगला लंबा दौर तब आया जब 2017 से 2021 के बीच विराट कोहली कप्तान थे और उनके साथ टीम ने 50 में से 30 मैच जीते और 16 हारे। विराट नहीं होते थे तो रोहित शर्मा कप्तान बनते थे और बाद में वे ही अगले नियमित कप्तान बने।
2016 और 2021 के टी20 वर्ल्ड कप में भारत के सेमीफाइनल से बाहर होने के बाद आम सहमति ये थी कि टीम को ज्यादा आक्रामक बैटिंग अप्रोच की ज़रूरत है। इसके बाद ही लीडरशिप में बदलाव हुआ और 2021 के आखिर में रोहित शर्मा फुल-टाइम टी20 इंटरनेशनल में भारत के कप्तान बन गए।
2017 से 2024 के बीच, वे 62 मैच में कप्तान रहे जिसमें से 49 जीते (भारत के लिए सबसे ज्यादा का रिकॉर्ड) और 12 हारे। उन्होंने ही टी20 वर्ल्ड कप जीत, टीम इंडिया का कई साल से कोई आईसीसी ट्रॉफी न जीतने का सूखा खत्म किया। किसी भारतीय कप्तान के टी20 इंटरनेशनल में सबसे बड़े स्कोर (121* विरुद्ध अफ़गानिस्तान) का रिकॉर्ड रोहित शर्मा के ही नाम है।
इस दौरान, शिखर धवन (2021 में 3 मैच) और ऋषभ पंत (2022 में 5 मैच) भी कुछ समय कप्तान बने। बहरहाल भारत की अगले कप्तान की तलाश हार्दिक पांड्या के साथ खत्म होती दिखी लेकिन फिटनेस ने उनका साथ न दिया और जो उम्मीद लगाई थी वह अधूरी रह गई। वे 2022-23 के दौरान 16 मैच में कप्तान रहे जिसमें 10 जीते और 5 हारे।
2022 से, बीसीसीआई ने दो टीम वाली टी20 इंटरनेशनल सीरीज के दौरान सीनियर खिलाड़ियों को 'रेस्ट' देना शुरू किया जिसका नतीजा ये रहा कि कई खिलाड़ियों को कप्तानी का मौका मिला। इस दौरान, केएल राहुल (2022 में 1 मैच), जसप्रीत बुमराह (अकेले गेंदबाज जो टी20 इंटरनेशनल में भारत के कप्तान बने- 2023 में 2 मैच) और रुतुराज गायकवाड़ (2023 में 3 मैच) भी कप्तान रहे। रुतुराज की कप्तानी में भारत ने हांग्जो में 2023 एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता और ये गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले कप्तान बने।
2024 आईसीसी टी20 इंटरनेशनल वर्ल्ड कप जीतने के बाद, रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा टी20 इंटरनेशनल से रिटायर हो गए। इससे एक नए दौर की शुरुआत हुई और सूर्यकुमार यादव को युवा टीम की कप्तानी सौंप दी। सूर्यकुमार यादव 2023 से 2026 तक भारत के कप्तान रहे: 52 में से 40 मैच जीते और सिर्फ 8 हारे। उनकी कप्तानी में सबसे बड़ी उपलब्धि थी एक और टी20 वर्ल्ड कप जीतना।