धर्मशाला में शानदार जीत के साथ टीम इंडिया ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को वापस भारत ले आई। वैसे तो सीरीज जीत में पूरी टीम का योगदान रहा लेकिन हम आपको बताते है उन पांच खिलाडियों के बारे में जिन्होंने सही समय पर अपने शानदार प्रदर्शन से टीम को जीत दिलायी।

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टीम इंडिया ने सीरीज की शुरुआत पुणे में मिली 333 रन की करारी शिकस्त के साथ की थी। बैंगलोर में खेले गए दूसरे टेस्ट के पहली पारी में भारत ने निराशाजनक प्रदर्शन किया था। लेकिन दूसरी पारी में पुजारा 92 रन की पारी खेलकर टीम के संकटमोचक बने। उनकी इस पारी ने दूसरे टेस्ट में मिली जीत में अहम किरदार निभाया।

इसके बाद रांची में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में रिकॉर्ड 525 गेंदों में दोहरा शतक जड़कर उन्होंने टीम इंडिया की हार के हर रास्ते को बंद कर दिया था। टीम इंडिया की नई दीवार बनकर खड़े हुए पुजारा ने 4 मैचों की 7 पारियों में 57.5 को औसत से 405 रन बनाए। वह स्मिथ के बाद इस सीरीज के सबसे सफल बल्लेबाज रहे।

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केएल राहुल

कोहली के चहेते और टेस्ट टीम के सलामी बल्लेबाज के एल राहुल इस सीरीज में सबसे ज्यादा कंसिस्टेंट रहे। राहुल ने हर उस पिच पर अपने बल्ले का कमाल दिखाया जहाँ बाकी भारतीय बल्लेबाज संघर्ष करता दिखा। उन्होंने 4 टेस्ट मैचों की सात पारियों में 6 अर्धशतक जड़े और 65.50 की शानदार औसत से 393 रन बनाए।

 

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रविंद्र जडेजा:

धर्मशाला टेस्ट में मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज रहे रविंद्र जडेजा ने बता दिया की वो वर्ल्ड के नंबर 1 गेंदबाज क्यों है। साथ ही आलराउंडर की भूमिका निभाते हुए मुश्किल समय में अपने बल्ले से भी योगदान दिया। रांची और धर्मशाला टेस्ट में अर्धशतक जड़कर वह टीम इंडिया की मजबूत स्तिथि में लेकर गए।

जडेजा ने सीरीज में सबसे ज्यादा 25 विकेट हांसिल करने के साथ साथ 127 रन भी बनाए। धर्मशाला टेस्ट में तो उन्होंने पहली पारी में भारत के लिए सबसे ज्यादा 63 रन बनाए।

 
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उमेश यादव:

वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप 2 गेंदबाजों के बीच अपने बेहतरीन प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। नई और पुरानी गेंद से उन्होंने शानदार गेंदबाजी की। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पूरी सीरीज में उमेश ने 129 ओवर डाले जिसमें 22 ओवर मेडन रहे और उन्होंने 17 विकेट हासिल किए। 32 रन देकर 4 विकेट उनका बेस्ट प्रदर्शन रहा।

 
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रिद्धिमान साहा: पहले दो टेस्ट मैचों में बल्ले से बेरंग रहे रिद्धिमान ने रांची टेस्ट मैच में शानदार शतक लगाया। इसके अलावा धर्मशाला टेस्ट में जडेजा के साथ साझेदारी कर टीम को मुश्किल से बाहर निकाला और 96 रन की साझेदारी की। इसके अलावा पुणे और बैंगलोर में उन्होंने बेहतरीन कैच लपके। साहा ने 4 मैच में 174 रन बनाए और 13 कैच और 1 स्टम्पिंग भी की।

लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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