अगर दक्षिण अफ्रीका की टीम जोहानिसबर्ग टेस्ट मैच जीतने में सफल रही तो इसका श्रेय सिर्फ और सिर्फ कप्तान डीन एल्गर को जाता है जिन्होंने घायल शेर की तरह बल्लेबाज़ी की और अंत तक नाबाद रहते हुए 96 रनों की नाबाद पारी खेली। इस ऐतिहासिक जीत के बाद डीन एल्गर के पिता ने एक खुलासा किया है।
डीन एल्गर के पिता ने बताया है कि जब उनका बेटा वांडरर टेस्ट में बल्लेबाज़ी कर रहा था तो उनका परिवार काफी इमोशनल होकर वो मैच देख रहा था क्योंकि तीसरे दिन यानि बुधवार की रात जब उन्होंने डीन से बात की थी, तो डीन ने उनसे कहा था कि वो आसानी से आउट नहीं होगा और वो अंत तक नाबाद रहेगा।
डीन एल्गर के पिता अपने बेटे के साथ बातचीत को साझा करते हुए कहते हैं, 'उसने उस रात मुझसे कहा, पिताजी! मैं कल खेल के अंत तक वहां रहूंगा। अगर वो मुझे आउट करना चाहते हैं, तो मुझे आउट करने के लिए उन्हें मेरे शरीर का कुछ न कुछ तोड़ना होगा। वो मुझे शरीर पर मारकर मुझे आउट नहीं कर पाएंगे। ऐसा कभी नहीं होगा। ' जब मैंने उसे यह कहते हुए सुना, तो मुझे पता था कि वो काफी जोश में था और वो ऐसा करने में सफल भी रहेगा।'
आगे बोलते हुए उन्होंने कहा, 'सुबह जब लक्ष्य 100 से कम रह गया, तो मैंने अपनी पत्नी से कहा, 'तुम्हें पता है, वो आज उसे आउट नहीं कर पाएंगे।' मैं देख सकता था कि वो उस ज़ोन में था, वो ये भी नहीं जानता था कि उसके आसपास क्या हो रहा है। मैं इसे देख सकता था। मेरी पत्नी ने कहा 'लेकिन 100 रन हैं', तब मैंने कहा, 'कोई बात नहीं। डीन और बाकी खिलाड़ी इसे चेज़ कर लेंगे।'