भारतीय टीम में हमेशा से सिनियर खिलाड़ियों का टीम से बाहर निकलना या जाना चर्चा में होता है। कई बार खिलाड़ी अपने खराब फॉर्म की वजह से बाहर जाते है तो कई बार कुछ ऐसे भी खिलाड़ी रहे जो अच्छा करने के बावजूद थोड़ा दुर्भाग्यपूर्ण रहे।

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कही ना कही ऐसे अनलकी खिलाड़ियों की लिस्ट में भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक का नाम भी आता है। हाल ही में उन्होंने भारत के मशहूर क्रिकेट कमेंटेटर आकाश चोपड़ा से बात करते हुए अपने वनडे करियर और 2019 वर्ल्ड कप के बाद वापस टीम में ना आने की बातों पर बयान दिया।

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कार्तिक साल 20119 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का हिस्सा थे। टीम के सेमीफाइनल से बाहर निकल जाने के बाद वो दिनेश कार्तिक का आखिरी बड़ा टूर्नामेंट था। उन्होंने इस दौरान कहा,"ये मेरे साथ हुआ, ये कई और खिलाड़ियों के साथ भी हुआ है। हम 50 ओवर के वर्ल्ड कप में गए और हम हार गए। सीनियर खिलाड़ी होने के नाते आपका टीम से बाहर जाना बनता है। अगर आप सीनियर खिलाड़ी होकर भारत को वर्ल्ड कप जिताने में मदद नहीं कर सकते फिर आपको टीम से बाहर जाने में ज्यादा परेशान नहीं होना चाहिए।"

साथ ही उन्होंने भारत क्रिकेट मैनेजमेंट की सिलेक्शन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी रेड बॉल में अच्छा करते है तो टीम उसको व्हाइट बॉल क्रिकेट के लिए चुनती है। जब कोई खिलाड़ी वाइट बॉल क्रिकेट में अच्छा करते है तो टीम उसको रेड बॉल क्रिकेट में चुनती है। उन्होंने कहा कि यह सही तरीका नहीं है और अब जाकर उन्हें यह एहसास हुआ है।

दिनेश कार्तिक ने आगे बात करते हुए कहा कि कई ऐसे मौके आए जब उनको ना सिर्फ वनडे बल्कि टी-20 टीम से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें मौके मिले तब उन्होंने अच्छा किया है।

भारतीय विकेटकीपर ने आगे बात करते हुए कहा,"मुझे जब भी मौके मिले है तब मैंने अपने लिए उस स्थान पर अच्छा प्रदर्शन किया है। अगर मैं कमबैक की बात करूं तो आईपीएल मेरे लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म है। मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश करूंगा। अगर मैं फिर से टीम में नहीं चुना जाता हूं तो मुझे कभी भी अफसोस नहीं होगा। मैंने अपना सब चीज कर दिया है। इस समय मैं टेस्ट क्रिकेट को भी मिस नहीं करता।"

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Shubham Shah
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