इंग्लैंड की पूर्व क्रिकेटर केट क्रॉस ने खुलासा किया है कि आईसीसी महिला T20 वर्ल्ड कप के शेड्यूल को लेकर आईसीसी की व्यवस्थाओं को "बेतुका" बताने के बाद उन्हें ऑनलाइन जान से मारने की धमकियां और गालियां मिली हैं।
एलेक्स हार्टले ने 'नो बॉल्स: द क्रिकेट पॉडकास्ट' के हालिया एपिसोड में कहा, "हमें ऑनलाइन जान से मारने की धमकियां और गालियां मिल रही हैं।"। वह क्रॉस के साथ मिलकर इस पॉडकास्ट को होस्ट करती हैं।
क्रॉस ने कहा,“आज सुबह जब मैं उठी और मैंने सेमी-फ़ाइनल के लिए आईसीसी के शेड्यूल के बारे में पोस्ट किया, तो उस इंस्टाग्राम पोस्ट पर 450 कमेंट्स आ चुके थे। आम तौर पर, हमें हर पोस्ट पर 30 कमेंट्स मिलते हैं। थोड़ी उलझन है क्योंकि हमने जो कहा, उसके लिए जान से मारने की धमकी और गाली-गलौज मिलना सही नहीं है।”
वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल इस हफ़्ते मंगलवार और गुरुवार को होने थे। गुरुवार को होने वाले नॉकआउट मुक़ाबले में ग्रुप ए की टॉप टीम का सामना ग्रुप बी की दूसरी टीम से होना था, लेकिन मामला इसके उलट था। हालांकि, नियम यह भी था कि अगर भारत सेमीफ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई करता है, तो वह मंगलवार को ग्रुप ए की टॉप टीम के ख़िलाफ़ सेमीफ़ाइनल खेलेगा। जिसे लेकर उनके पोडकास्ट पर आलोचना हुई।
हार्टले ने कहा, "मैंने असल में आईससीसी में किसी से बात करके उन सभी बातों को साफ़ किया है जो कही गई थीं। आईसीसी ने यह कहा: 'हम यह साफ़ करना चाहते हैं कि इसका भारत से कोई लेना-देना नहीं है और ऐसा यूके में दर्शकों की संख्या और दुनिया भर में इसे देखने वालों की संख्या, दोनों को ज़्यादा से ज़्यादा करने के लिए किया गया है।' तो, मेरा मतलब यह है कि 6:30 बजे शुरू करने का फ़ैसला यूके के दर्शकों के लिए है।"
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क्रॉस ने कहा, “ लगता है कि हमने वह बात साफ़ कर दी है। उन सभी का शुक्रिया जिन्होंने हमसे संपर्क किया और हमारा साथ दिया। वे सभी (मैसेज) पढ़कर बहुत अच्छा लगा। यह अजीब है, है ना? हमने इस प्लेटफ़ॉर्म पर सोशल मीडिया के बारे में बहुत बात की है, लेकिन आइए थोड़ा और दयालु बनें। जैसे, मैं एक क्रिकेट टीम के तौर पर भारत की बुराई नहीं कर रही थी।मैं बस यह कह रही थी कि ‘मुझे नहीं लगता कि कोई टूर्नामेंट इस आधार पर होना चाहिए कि कोई क्रिकेट टीम सेमी-फ़ाइनल में पहुँच जाए’। वैसे भी, बाद में पता चला कि वह बात सही नहीं थी। जिस व्यक्ति ने हमारी बात को कोट किया, उनसे कहना चाहूंगी कि अगर आप हमें कोट करना चाहते हैं, तो वही कोट करें जो हमने कहा है, न कि वह जो आपको लगता है कि हमने कहा है। लोगों ने अपनी-अपनी समझ के हिसाब से मतलब निकाल लिया।”