IND vs NZ: भारत और न्यूजीलैंड के बीच कल से कानपुर टेस्ट मैच की शुरुआत हो रही है। इस टेस्ट मैच से ठीक पहले नए विवाद ने जन्म ले लिया है। खबरों का मानें तो टीम इंडिया के खिलाड़ियों को एक सख्त डाइट प्लान का पालन करने के लिए कहा गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने कानपुर में खिलाड़ियों के लिए डाइट चार्ट जारी किया। यूजर्स खिलाड़ियों के इस डाइट चार्ट को लेकर बीसीसीआई पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

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कानपुर में पहला टेस्ट मैच खेलने के लिए इंडिया और न्यूजीलैंड के खिलाड़ी कानपुर के होटल लैंडमार्क टावर में रुके हैं। जैसे ही लोगों को पता चला कि मेन्यू में हलाल मीट को शामिल किया गया है वैसे ही लोग भड़क गए हैं। खिलाड़ी सूअर का मांस और बीफ नहीं खा सकते हैं, फैंस को इस बात से नाराजगी है कि खिलाड़ियों को केवल 'हलाल' मांस खाने की अनुमति है और कुछ नहीं।

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स्पोर्ट्स तक की एक रिपोर्ट में कहा गया है, 'भारतीय क्रिकेट टीम की नई आहार योजना के अनुसार, खिलाड़ियों को खुद को फिट और स्वस्थ रखने के लिए किसी भी रूप और विविधता में सूअर का मांस और बीफ खाने की अनुमति नहीं है। अगर कोई मांस खाना चाहता है तो वह केवल हलाल रूप में होना चाहिए, खिलाड़ी मांस के किसी अन्य रूप को नहीं खा सकते हैं।

कुछ यूजर्स का कहना है कि जब टीम इंडिया के ज्यादातर खिलाड़ी हिंदू हैं और उनके धर्म के अनुसार ‘हलाल’ मांस खाना वर्जित है तो फिर बीसीसीआई या भारतीय टीम मैनेजमेंट उन्हें ऐसा करने के लिए क्यों मजबूर कर सकता है। बता दें कि हिंदू धर्म और सिख धर्म हलाल मांस पर प्रतिबंध लगाते हैं, जबकि मुसलमानों के लिए, किसी अन्य प्रकार का मांस खाना मना है।

क्या होता है हलाल- एक जानवर का वध 2 तरह से किया जा सकता है। 'हलाल' पद्धति में जानवर को एक कट देते हैं और धीमे-धीमे उसका खून बहता है और उसे मरने के लिए छोड़ दिया जाता है। इसके अलावा एक 'झटका' पद्धति है जहां एक बार में जानवर का वध किया जाता है ताकि उसे तकलीफ ना हो।

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Prabhat Sharma
Prabhat Sharma - A cricket Analyst and Cricket fan. Worked with Jansatta (The Indian Express Group), Times Now Hindi Digital Team, Zee Media in the past. One can reach him at +91 - 8765180685 Read More
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