भारत के बेहतरीन कप्तान में से एक सौरव गांगुली का आज बर्थडे है। आज गांगुली अपना 44वां जन्मजिवस मना रहे हैं। दादा के नाम से मशहूर हुए सौरव गांगुली का जन्म 8 जुलाई 1972 को कोलकाता में हुआ था। अपनी कप्तानी में “दादा” ने सभी बड़ी टीमों के खिलाफ जिस आक्रमक अंदाज में कप्तानी कर भारत की टीम को नई उंचाईयों पर लेकर आए वो अपने – आप में एक बड़ी बात है। अपने कप्तानी में गांगुली बेबाक कप्तान के तौर पर याद किए जाते हैं। आईए जानते हैं दादा के बारे में कुछ रोचक जानकारियां..

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# सौरव गांगुली का जन्म 8 जुलाई 1972 को कोलकाता में हुआ था, गांगुली के माता पिता उन्हें प्यार से महाराज पुकारते थे।

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# बचपन में गांगुली के माता – पिता उन्हें इंजीनियर और डाक्टर बनाना चाहते थे।

# सौरव गांगुली बचपन में फुटबॉल के बड़े दिवाने थे।

# गांगुली ने अपना पहला वनडे मैच साल 1991 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला तो साथ ही पहला टेस्ट मैच साल 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉड्स के मैदान पर खेले थे। अपने पहले ही टेस्ट मैच में गांगुली ने शतक जमाकर इतिहास रच दिया था।

# अपने करियर में दादा ने 49 टेस्ट मैचों में कप्तानी की जिसमें भारत को 21 मैचों में जीत हासिल हुई थी।

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# साल 2000 में गांगली को कप्तान का पद हासिल किया था। इसके अलावा गांगुली वनडे क्रिकेट में भी कप्तान करी थी।

# सौरव गांगुली ने अपने बचपन की दोस्त डोना गांगुली के साथ 12 अगस्त 1996 को शादी कर ली थी। गांगुली और डोनी की शादी एक लव मैरेज थी।

# गांगुली की कप्तानी में भारत की टीम साल 2003 वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंची थी। जो गांगुली के करियर में सबसे बड़ी कामयाबी थी।

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# भारत के टेस्ट कप्तान के तौर पर गांगुली ने 11 ओवरसीज टेस्ट मैच जीते हैं जो किसी भी भारतीय कप्तान के द्वारा विदेशी धरती में सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जीतने का शानदार रिकॉर्ड है।

# सौरव गांगुली दुनिया के अकेले ऐसे क्रिकेटर हैं जिन्होंने लगातार 4 वनडे मैचों में मैन ऑफ द मैच का खिताब अपने नाम किया है। साल 1997 के सहारा कप में गांगुली ने ऐसा अद्भूत कारनामा कर दिखाया था।

# वनडे क्रिकेट में गांगुली के नाम सबसे तेजी से 9000 रन बनानें का कारनामा है। गांगुली ने केवल 228 पारियों में 9000 रन बनाए थे। तो वहीं भारत के मास्टर ब्लास्टर सचिन को वनडे में 9000 रन पूरे करने में 235 पारियां लगी थी।

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# सौरव गांगुली और सचिन तेंदलुकर ने मिलकर सबसे ज्यादा पार्टनरशिप करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर रखा है जो हाल के दिनों में टूट पाना मुश्किल ही नहीं नामूमकिन सा लगता है। गांगुली और सचिन ने 1992 से लेकर साल 2007 तक 176 पारियों में 8227 रन की पार्टनरशिप की हैष जिसमें दोनों के बीच 26 शतक और 29 हाफ सेंचुरी साझेदारी शामिल है।

# ओपनिंग बल्लेबाजी के तौर पर भी गांगुली और सचिम ने अद्भूत किर्तीमान अपने नाम कर रखा है। दोंनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 6609 रन की पार्टनरशिप करी है। दोनों ने 136 पारियों में 21 शतकिय साझेदारी शामिल है।

# सौरव गांगुली के करियर से जुड़ी एक दिलचस्प बाते ये है कि वनडे क्रिकेट में अबतक केवल 5 ऐसे क्रिकेटर हुए हैं जिनके नाम 10,000 रन के साथ – साथ 100 विकेट और 100 कैच लपकने का खास कारनामा है। इस लिस्ट में गांगुली के अलावा सचिन तेंदुलकर भी इस कारनामें को अंजाम दे चुके हैं। विदेशी क्रिकेटरों में  श्रीलंका के जयसूर्या , दिलशान और साउथ अफ्रीका के जैक कैलिस भी इस कारनामें को अंजाम दे चुके हैं।

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# साल 2013 में पूरी दुनिया में शीर्ष 10 सबसे अमीर क्रिकेटरों की सौरव गांगुली का छठे स्थान पर थे।

# गांगुली और डॉन ब्रेडमैन ने अपनी आखरी टेस्ट पारी में बिना कोई रन बनाए आउट हो गए थे।

# सौरव गांगुली ने राहुल द्रविड़ के साथ मिलकर वर्ल्ड कप 1999 में श्रीलंका के खिलाफ मैच में 318 रन का पार्टनरशिप की थी जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है और आज भी बरकरार है।

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# 13 जुलाई 2002 को नेटवेस्ट टॉफी के फाइनल में भारत की जीत के बाद गांगुली ने जिस आक्रमक अंदाज में जश्न मनाया था वो दृश्य आज भी क्रिकेट फैन्स के दिलों दिमाग में शामिल है। उस रोज जीत के जश्न में गांगुली ने लॉर्ड्स के बालकनी में खड़े होकर अपनी शर्ट उतारकर हवा में लहराने लगे।

# जिस वक्त गांगुली ने टेस्ट मैच में कप्तानी का पद संभाला था उस वक्त भारत की टीम की रैंकिंग 8 थी। लेकिन जब गांगुली ने रिटायरमेंट लिया तो भारत की टीम टेस्ट क्रिकेट में सैकेंड बेस्ट रैंकिंग में पहुंच गई थी।

# टेस्ट क्रिकेट में गांगुली का बल्लबाजी औसत कभी भी 40 से कम नहीं रहा और साथ ही टेस्ट क्रिकेट में गांगुली ने जब भी शतक जमाया तो भारत की टीम कभी टेस्ट मैच नहीं हारी।

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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