भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव के बाद उनकी सैलरी घटने की संभावना बनी थी, लेकिन अब बोर्ड इसे लेकर नया रास्ता तलाश रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, बुमराह को उनके प्रदर्शन के हिसाब से पूरा सम्मान देने की तैयारी चल रही है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट 2025-26 को लेकर एक बड़ा बदलाव कर चुका है। इस बार A+ कैटेगरी को हटा दिया गया है, जिससे कई खिलाड़ियों की सैलरी पर असर पड़ सकता है। इसी फैसले के बाद जसप्रीत बुमराह जैसे बड़े खिलाड़ी की कमाई 7 करोड़ से घटकर 5 करोड़ रुपये तक आ सकती है।
आपको बता दें ग्रेड A+ कैटेगरी उन खिलाड़ियों के लिए होती थी, जो तीनों फॉर्मेट में टीम में अपनी जगह पक्की रखते थे। पिछले साल ग्रेड A+ में विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा शामिल थे। रोहित शर्मा और विराट कोहली अब टी20 और वनडे से संन्यास ले चुके हैं, जबकि रवींद्र जडेजा भी टी20 इंटरनेशनल से हट चुके हैं। ऐसे में सिर्फ जसप्रीत बुमराह ही ऐसे खिलाड़ी बचे थे, जो तीनों फॉर्मेट खेल रहे थे।
लेकिन इस साल जारी नई कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को ग्रेड A में शामिल किया गया है, जबकि A+ कैटेगरी को पूरी तरह से हटा दिया गया है। हालांकि अब खबरें हैं कि बोर्ड इस स्थिति को सुधारने के लिए नया तरीका खोज रहा है। बुमराह पिछले कई सालों से तीनों फॉर्मेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करते आ रहे हैं और A+ कैटेगरी के स्थायी सदस्य रहे हैं। ऐसे में अचानक उनकी सैलरी कम करना बोर्ड को भी सही नहीं लग रहा है।
द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI इस बात पर विचार कर रहा है कि कैसे बुमराह को पहले की तरह 7 करोड़ रुपये के बराबर फायदा दिया जा सके। यानी भले ही कैटेगरी बदली हो, लेकिन उनके प्रदर्शन के हिसाब से उन्हें नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
दरअसल, पहले A+ कैटेगरी में आने वाले खिलाड़ियों को सालाना 7 करोड़ रुपये मिलते थे, जबकि A, B और C ग्रेड के खिलाड़ियों को क्रमशः 5 करोड़, 3 करोड़ और 1 करोड़ रुपये मिलते थे। लेकिन इस बार नई लिस्ट में सिर्फ A, B और C ग्रुप बनाए गए हैं। इस बदलाव का असर सिर्फ बुमराह पर ही नहीं पड़ा है। स्पिन ऑलराउंडर अक्षर पटेल को भी इस बार ग्रेड C में रखा गया है, जबकि उन्होंने हाल के समय में शानदार प्रदर्शन किया है। ऐसे में उनके ग्रेड को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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कुल मिलाकर, बोर्ड अब अपने टॉप परफॉर्मर्स के साथ न्याय करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू में बदलाव कर सकता है, ताकि खिलाड़ियों का मनोबल बना रहे और उन्हें उनके प्रदर्शन का सही इनाम मिल सके।