महेंद्र सिंह धोनी की गिनती भारत के सफलतम कप्तानों में होती है। हालांकि, धोनी के खेलते टाइम इस बात पर बहस होती थी कि अगर उन्होंने टेस्ट क्रिकेट (2014-15) से संन्यास लेने का फैसला किया तो फिर लिमिटेड ओवर में वो कप्तानी क्यों कर रहे हैं? विराट कोहली के टेस्ट टीम का कैप्टन बनने के बाद व्हाइट-बॉल टीम के लीडर के रूप में धोनी के भविष्य को लेकर चिंताएं पैदा हुई थीं इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता। इस बीच इससे जुड़ा एक बड़ा खुलासा हुआ है।

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टीम इंडिया के पूर्व फील्डिंग कोच आर श्रीधर की किताब में इस बात का जिक्र हुआ है जिसमें लिखा है, 'एक शाम, रवि शास्त्री ने विराट को बुलाया और कहा, 'देखो, विराट, MS ने रेड बॉल क्रिकेट में तुम्हें कप्तानी दी थी। तुमको उसका सम्मान करना होगा। वो आपको लिमिटेड ओवर क्रिकेट में भी मौका देगा, जब समय सही होगा। जब तक आप अभी उनका सम्मान नहीं करते, कल जब आप कप्तान होंगे तो आपको अपनी टीम से सम्मान नहीं मिलेगा। अब उसका सम्मान करें, चाहे कुछ भी हो रहा हो। कप्तानी आपके पास खुद आएगी। आपको इसके पीछे भागना नहीं है।'

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विराट कोहली टीम इंडिया के हर फॉर्मेट के कप्तान तो बने लेकिन उनकी कप्तानी में टीम इंडिया कोई भी आईसीसी टूर्नामेंट जीतने में कामयाब ना हो सकी। 2021 टी20 वर्ल्ड कप के बाद, कोहली ने भारत के टी20 कप्तान के रूप में इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, बाद में माहौल ऐसे बने की हर फॉर्मेट की कप्तानी उन्हें छोड़नी पड़ी और उनकी जगह रोहित शर्मा को टीम इंडिया का नया कप्तान बनाया गया। 

बता दें कि एम एस धोनी ने 90 टेस्ट, 350 वनडे और 98 टी20 खेलने के बाद 15 अगस्त, 2020 को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी। लाइमलाइट से दूर रहने वाले धोनी ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्डकप 2019 के सेमीफाइनल में विराट कोहली की कप्तानी में खेला था। धोनी ने बिना किसी शोर शराबा के लिमिटेड ओवर की कप्तानी विराट को दे दी थी।

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Prabhat Sharma
Prabhat Sharma - A cricket Analyst and Cricket fan. Worked with Jansatta (The Indian Express Group), Times Now Hindi Digital Team, Zee Media in the past. One can reach him at +91 - 8765180685 Read More
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