केपटाउन टेस्ट के तीसरे दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने ना सिर्फ फैंस बल्कि भारतीय खिलाड़ियों को भी हिला कर रख दिया। दरअसल, ये ओवर था रविचंद्रन अश्विन का और सामने थे विरोधी कप्तान डीन एल्गर, जिन्हें अंपायर ने एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया लेकिन उन्होंने DRS लेने का फैसला किया।
इसके बाद जब टीवी रिप्ले में देखा गया तो गेंद स्टंप्स को मिस करती हुई ऊपर से जा रही थी। इसके बाद मैदानी अंपायर मराइस एरासमस को अपना फैसला बदलना पड़ा लेकिन जब उन्होंने अपना फैसला बदला तो उनके मुंह से निकला ये गेंद स्टंप्स के ऊपर से कैसे जा सकती है।
अंपायर को तो छोड़िए विराट कोहली और भारतीय खिलाड़ियों का रिएक्शन ही ये बताने के लिए काफी था कि ये बिल्कुल असंभव था। कमेंट्री कर रहे सुनील गावस्कर ने भी कहा कि ये डीन एल्गर हैं ना कि मार्को जेनसन जो गेंद स्टंप्स के ऊपर से निकल गई। इस घटना के बाद विराट कोहली और भारतीय खिलाड़ियों को कई बार ये कहते सुना गया कि पूरा देश भारत के 11 खिलाड़ियों के खिलाफ खेल रहा है।
ज़ाहिर है कि विराट कोहली टेक्नॉलोजी पर सवाल उठा रहे थे और दक्षिण अफ्रीका के खेमे पर भी सवाल उठा रहे थे कि ये उनकी टीम के साथ धोखा हो रहा था। लेकिन अब फैसला आप कीजिए और आप बताईए कि क्या टेक्नॉलोजी पर सवाल उठाना लाज़मी है, वो भी सिर्फ इसलिए कि फैसला आपके खिलाफ गया है। या फिर सचमुच टीम इंडिया के साथ धोखा हुआ है।