नई दिल्ली, 17 मई| भारत के पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगरकर को बेहतरीन गेंदबाज के साथ साथ निचले क्रम में शानदार बल्लेबाज भी माना जाता था। जहां एक ओर उनके नाम वनडे में सबसे तेज 50 विकेट लेने का रिकॉर्ड तो वहीं, बल्लेबाजी में उनके नाम के आगे तीन वनडे अर्धशतक भी दर्ज हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भी एक शतक जड़ रखा है और यह शतक उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक लॉर्डस मैदान पर लगाया था और स्टेडियम के सम्मान बोर्ड पर अपना नाम लिखवाया था। अगरकर ने उस मैच में 109 रनों की नाबाद पारी खेली थी।

Advertisement

अगरकर शुरूआत में एक बल्लेबाज बनना चाहते थे और बहुत कम लोगों को पता होगा कि करियर की शुरूआती दिनों में अगरकर को मुंबई का अगला सचिन तेंदुलकर माना जाता था।

Advertisement

42 वर्षीय अगरकर ने अपने पूर्व टीम साथी आकाश चोपड़ा के साथ आकाशवाणी शो में बताया है कि आखिर क्यों उन्हें मुंबई का अगला तेंदुलकर कहा जाता था।

अगरकर ने कहा, " वास्तव में, शुरूआत में मैं बल्लेबाज बनना चाहता था। स्कूल के दिनों में रामाकांत सर हम दोनों के कोच हुआ करते थे और उन्होंने मुझमें कुछ देखा था।"

उन्होंने कहा, " सचिन तेंदुलकर उनके कोचिंग से निकलने वाला एक बड़ा नाम था। सचिन से पहले प्रवीन आमरे और अन्य कई बड़े नाम थे और उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया था। उनके अकेडमी से बहुत सारे नाम निकले थे।"

अगरकर ने कहा, " शुरूआत में अच्छे रन बनाता था तो लोगों को लगता था कि मैं अगला सचिन तेंदुलकर बन सकता हूं। अब जब 16 की उम्र में आप अच्छा खेले तो आईपीएल खेलने को मिल जाता है, लेकिन तब यह राष्ट्रीय टीम में पहुंचने की पहली सीढ़ी होती थी।"

Advertisement

उन्होंने कहा, " मैं रन बनाता था तो यह संदेश गया कि मुंबई से एक और खिलाड़ी आने में है। मगर उस उम्र में आप सिर्फ प्रगति के बारे में सोचते हैं।"
अगरकर के इस शानदार प्रदर्शन के कारण ही तेंदुलकर ने उन्हें अपना ग्लव्स दिया था।

उन्होंने कहा, सचिन ने मुझे ग्लव्स दिए थे। हम एक ही स्कूल में थे और उसे लगा कि कोई अच्छा प्रदर्शन कर रहा है तो मुझे ग्लव्स दिए। मैं तब उन्हें ज्यादा नहीं जानता था। मैंने उनके पैड उपयोग नहीं किए, शायद अगर मैं उनका इस्तेमाल करता तो बेहतर बल्लेबाज बन पाता।"

लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
ताजा क्रिकेट समाचार