Sanju Samson Record: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारतीय टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन के पास इतिहास रचने का सुनहरा मौका है। अगर वह न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में सिर्फ 1 रन भी बना लेते हैं, तो वह एक खास उपलब्धि हासिल कर लेंगे।
आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला रविवार (8 मार्च) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। इस बड़े मुकाबले में भारतीय टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन पर सभी की नजरें रहेंगी। संजू अगर इस मुकाबले में सिर्फ 1 रन भी बना लेते हैं, तो वह टी20 इंटरनेशनल में भारत के लिए बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज 1000 रन पूरे कर लेंगे। ऐसा करते ही वह महेंद्र सिंह धोनी के बाद इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले दूसरे भारतीय विकेटकीपर बन जाएंगे।
महेंद्र सिंह धोनी फिलहाल इस लिस्ट में पहले स्थान पर हैं। धोनी ने 2006 से 2019 के बीच भारत के लिए 98 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले और 85 पारियों में बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज 1617 रन बनाए थे। वहीं संजू सैमसन ने 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू किया था। अब तक वह भारत के लिए 44 टी20 मैचों में बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज 999 रन बना चुके हैं। ऐसे में फाइनल मुकाबले में एक रन बनाते ही वह 1000 रन का खास आंकड़ा छू लेंगे।
टी20 इंटरनेशनल में भारत के लिए बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज:
- महेंद्र सिंह धोनी – 98 मैच | 85 पारियां | 1617 रन | औसत 37.60
- संजू सैमसन – 44 मैच | 37 पारियां | 999 रन | औसत 30.27
- ऋषभ पंत – 64 मैच | 54 पारियां | 996 रन | औसत 23.71
- ईशान किशन – 21 मैच | 21 पारियां | 545 रन | औसत 27.25
- केएल राहुल – 8 मैच | 8 पारियां | 305 रन | औसत 43.57
अगर वर्ल्ड रिकॉर्ड की बात करें, तो टी20 इंटरनेशनल में बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर के नाम है। बटलर ने इंग्लैंड के लिए 127 टी20 मैचों में कुल 3592 रन बनाए हैं।
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गौरतलब है कि सैमसन इस फाइनल में शानदार फॉर्म के साथ उतरेंगे। पिछले दो मुकाबलों में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की है। कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने 50 गेंदों में नाबाद 97 रन की पारी खेली थी, जबकि मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे सेमीफाइनल में 42 गेंदों पर 89 रन ठोके थे। ऐसे में फाइनल में अगर सैमसन का बल्ला फिर चला, तो वह न सिर्फ भारत को तीसरी बार ये खिताब दिलाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।