भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ सीरीज़ के तीसरे और निर्णायक वनडे से पहले इंदौर में अपने ठहराव के दौरान एक खास एहतियात बरती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बताया जा रहा है कि गिल अपने साथ लगभग 3 लाख रुपये का वॉटर प्यूरिफिकेशन सिस्टम लेकर आए हैं, जिसे उन्होंने होटल के कमरे में इंस्टॉल करवाया है।
ये फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब इंदौर शहर एक गंभीर जल-जनित स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है। हाल के हफ्तों में दूषित पीने के पानी के कारण फैली बीमारियों से कम से कम 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग बीमार पड़े हैं। आमतौर पर भारतीय क्रिकेट टीम जिस भी शहर में दौरे पर जाती है, वहां के सबसे सुरक्षित और उच्च-स्तरीय होटलों में रुकती है। खिलाड़ियों को पैक्ड और टेस्ट किया हुआ पीने का पानी भी उपलब्ध कराया जाता है।
इसके बावजूद, रिपोर्ट्स का दावा है कि शुभमन गिल ने अपनी सेहत को लेकर कोई जोखिम न लेते हुए अतिरिक्त सुरक्षा के तौर पर खुद का वाटर प्यूरिफायर इस्तेमाल करने का फैसला किया। इंदौर में ये स्वास्थ्य संकट दिसंबर 2025 के आख़िर और जनवरी 2026 की शुरुआत में सामने आया। शहर के भागीरथपुरा इलाके में पीने के पानी की सप्लाई में सीवेज का पानी मिल गया, जिससे पानी से फैलने वाली बीमारियों का तेज़ी से प्रकोप हुआ। बाद की जांच में पता चला कि नर्मदा जल आपूर्ति प्रणाली से जुड़ी एक पाइपलाइन में लीकेज हो गया था।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये क्षतिग्रस्त पाइपलाइन सीवेज लाइन या सार्वजनिक शौचालय के बेहद पास से गुज़र रही थी। इसी वजह से मल-जनित बैक्टीरिया, जैसे ई. कोलाई और अन्य हानिकारक पैथोजन, पीने के पानी में मिल गए। इसके चलते कई दिनों तक हज़ारों लोगों को दूषित पानी की सप्लाई होती रही। स्थानीय लोगों ने शुरुआत में बदबूदार और गंदे रंग वाले पानी की शिकायत की थी, लेकिन हालात की गंभीरता तब साफ़ हुई जब दस्त, उल्टी और गंभीर डिहाइड्रेशन के मामलों में अचानक बढ़ोतरी हो गई। आसपास के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या इतनी बढ़ गई कि मेडिकल स्टाफ को अतिरिक्त इंतज़ाम करने पड़े।