ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज मैट रेनशॉ ने डरबन में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 190 रनों की लाजवाब पारी खेली। यह उनके टेस्ट करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी भी है।

नंबर पांच पर बल्लेबाजी करने उतरे रेनशॉ ने नाथन लायन के साथ मिलकर134 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई, जिसके बूते ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली पारी में 390 के टोटल तक पहुंचने में सफल रही। रेनशॉ ने अपने दूसरे टेस्ट शतक को वर्षों की मेहनत और लगन का इनाम बताया।

यह उपलब्धि रेनशॉ के पहले टेस्ट शतक के लगभग 10 साल बाद मिली, जिससे टेस्ट क्रिकेट में तीन अंकों के स्कोर के लिए उनका लंबा इंतजार खत्म हुआ। दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने उन नाकामियों और मौकों पर बात की जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम में उनकी वापसी का सफर तय किया।

डरबन टेस्ट के दूसरे दिन के बाद रेनशॉ ने पत्रकारों से कहा, "मुझे हमेशा से उस दूसरे शतक की चाहत थी। पहले शतक के साथ ही मुझ पर से दबाव हट गया था। मुझे लगता है कि पिछले 10 वर्षों की सारी मेहनत, नाकामियां और कामयाबियां इसमें शामिल हैं। मेरे लिए यह उपलब्धि हासिल करना बहुत अच्छा रहा।"

रेनशॉ की यह पारी इसलिए भी खास थी क्योंकि 2023 में टीम में वापसी के बाद वह पहली बार नंबर 5 जैसे अनजान बैटिंग क्रम पर खेल रहे थे। तेजी से रन बनाने के बजाय, उन्होंने दबाव झेलने पर ध्यान दिया और पहले दिन का खेल खत्म होने तक 115 गेंदों का सामना करते हुए सिर्फ तीन चौके लगाए थे।

दूसरे दिन की सुबह उन्होंने तेजी से अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद भी उन्होंने साउथ अफ्रीका के गेंदबाजों को परेशान करना जारी रखा। मैट रेनशॉ के लिए यह पारी सिर्फ टीम के लिए ही नहीं, बल्कि उनके करियर के लिहाज से भी बेहद खास थी। उन्होंने माना कि ऑस्ट्रेलियाई टीम में अपनी जगह पक्की करने का पिछला मौका वह ठीक से नहीं भुना पाए थे। इसलिए इस बार मिले अवसर को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करना उनके लिए बहुत मायने रखता था।

रेनशॉ ने कहा, "मैं कुछ साल टीम से बाहर रहा। फिर 2023 में मुझे मौका मिला, लेकिन मैं उसका फायदा नहीं उठा सका। ऐसे में कई बार लगता है कि शायद दोबारा मौका नहीं मिलेगा। इसी कारण जब मैंने वह शॉट खेला, तो मैं जोर-जोर से चिल्ला रहा था, 'जाओ, जाओ, जाओ'। उस पल मेरे करियर की कई बातें एक साथ याद आ गईं। दूसरे छोर पर नाथन लियोन भी काफी भावुक थे। वह पल मेरे लिए बहुत खास था।"

रेनशॉ को नाथन लायन के रूप में एक बेहतरीन जोड़ीदार मिला। दोनों ने 9वें विकेट के लिए 134 रनों की शानदार साझेदारी की, जिससे ऑस्ट्रेलियाई टीम शुरुआती झटकों से उबरकर बड़ा शॉट खड़ा करने में सफल रही। रेनशॉ की यह पारी रिकॉर्ड बुक में भी दर्ज हो गई। उन्होंने डरबन में टेस्ट मैच में नंबर 5 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड श्रीलंका के कुशल परेरा के नाम था, जिन्होंने 2019 में नाबाद 153 रन बनाए थे।

रेनशॉ ने कहा, "मैं कुछ साल टीम से बाहर रहा। फिर 2023 में मुझे मौका मिला, लेकिन मैं उसका फायदा नहीं उठा सका। ऐसे में कई बार लगता है कि शायद दोबारा मौका नहीं मिलेगा। इसी कारण जब मैंने वह शॉट खेला, तो मैं जोर-जोर से चिल्ला रहा था, 'जाओ, जाओ, जाओ'। उस पल मेरे करियर की कई बातें एक साथ याद आ गईं। दूसरे छोर पर नाथन लियोन भी काफी भावुक थे। वह पल मेरे लिए बहुत खास था।"

Also Read: LIVE Cricket Score

Article Source: IANS

लेखक के बारे में

IANS News
IANS is one of the largest independent private Indian news agency in India. Founded in the year 1986 by Indian American publisher Gopal Raju as the "India Abroad News Service" and later renamed. Their main offices are located in Noida, Uttar Pradesh. Read More
ताजा क्रिकेट समाचार