जिम्बाब्वे महिला क्रिकेट टीम के खिलाफ शुक्रवार को खेले गए पहले वनडे मुकाबले में प्रतिका रावल ने भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। प्रतिका ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद शतकीय पारी खेली। उन्होंने अपनी इस शानदार पारी का श्रेय अपनी तैयारी और क्रीज पर अपने आत्मविश्वास को दिया है।
भारतीय टीम ने पहले वनडे मुकाबले में जिम्बाब्वे को 9 विकेट से हराया। रावल ने 96 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाए। उन्होंने स्मृति मंधाना के साथ मिलकर ओपनिंग साझेदारी की और फिर शेफाली वर्मा के साथ मिलकर 106 रनों की अटूट साझेदारी निभाते हुए टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। अपनी बल्लेबाजी लय के बारे में बात करते हुए ओपनर ने कहा कि शॉट्स पर पूरा नियंत्रण होने की वजह से उन्हें किसी तरह का अनावश्यक दबाव महसूस नहीं हुआ।
बीसीसीआई के एक वीडियो में प्रतिका ने कहा, “एक बल्लेबाज के तौर पर जब आप अपने बल्ले को जमीन पर थपथपाते हैं, तो आपको आत्मविश्वास महसूस होता है। हर दिन अलग होता है, लेकिन जब आपको पता हो कि आप गेंद को बल्ले के बीचों-बीच अच्छे से हिट कर रहे हैं, गेंद खाली जगहों में जा रही है, और आप अपनी मर्जी के मुताबिक शॉट्स खेल पा रहे हैं, तो बल्लेबाजी काफी आसान हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपका दिमाग उलझा हुआ नहीं होता। आपके मन में बहुत सारे विचार नहीं चल रहे होते, जिससे बल्लेबाजी करना बहुत आसान हो जाता है। मुझे बहुत खुशी है कि सब कुछ बहुत अच्छे से हुआ।”
इस शतक ने रावल को अपने पहले वनडे शतक की याद दिला दी। उन्हें खुद इस बात का एहसास नहीं था कि यह मैच उसी दिन पड़ रहा है जिस दिन उन्होंने अपना पहला वनडे शतक लगाया था, लेकिन पारी शुरू होने से पहले कोच अमोल मजूमदार ने उन्हें यह बात बताई। इसके बाद मंधाना ने उन्हें फिर से वैसा ही कारनामा दोहराने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रतिका ने कहा, "सच कहूं तो मुझे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि इसी दिन पिछले साल मैंने अपना पहला वनडे शतक लगाया था। हम बल्लेबाजी के लिए जाने से पहले बैठे थे और टीवी पर भारत बनाम न्यूजीलैंड का मैच चल रहा था। मैंने अमोल सर से पूछा—यह उसी समय की बात है—तो उन्होंने बताया कि आज ही के दिन तुमने शतक लगाया था। इस पर स्मृति दी ने कहा, ‘चलो, आज फिर से वैसा ही करते हैं। हमने सोचा कि क्यों न उसी पल को फिर से जिया जाए, बिल्कुल उतने ही रन बनाए जाएं और वैसी ही साझेदारी की जाए जैसी उस दिन हुई थी। ये बहुत अच्छी यादें हैं। उस लय में वापस आना हमेशा अच्छा लगता है।"
रावल ने अपनी शानदार पारी के पीछे की वजह बताते हुए पिच की स्थिति और हाल ही में की गई प्रैक्टिस का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक स्पष्ट योजना होने की वजह से वह बिना स्कोरिंग रेट की चिंता किए आक्रामक खेल खेल सकीं। प्रतिका ने कहा, "किस्मत से विकेट हमारे पक्ष में था। यह एक सपाट ट्रैक था, गेंद ज्यादा हरकत नहीं कर रही थी, और उन्होंने जिस तरह की फील्ड सेटिंग की थी, उससे भी हमें काफी मदद मिली।"
प्रतिका ने कहा, "सच कहूं तो मुझे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि इसी दिन पिछले साल मैंने अपना पहला वनडे शतक लगाया था। हम बल्लेबाजी के लिए जाने से पहले बैठे थे और टीवी पर भारत बनाम न्यूजीलैंड का मैच चल रहा था। मैंने अमोल सर से पूछा—यह उसी समय की बात है—तो उन्होंने बताया कि आज ही के दिन तुमने शतक लगाया था। इस पर स्मृति दी ने कहा, ‘चलो, आज फिर से वैसा ही करते हैं। हमने सोचा कि क्यों न उसी पल को फिर से जिया जाए, बिल्कुल उतने ही रन बनाए जाएं और वैसी ही साझेदारी की जाए जैसी उस दिन हुई थी। ये बहुत अच्छी यादें हैं। उस लय में वापस आना हमेशा अच्छा लगता है।"
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Article Source: IANS