स्पिनर रवि बिश्नोई ने शनिवार को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में 60 रन लुटाए, लेकिन एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके। भारत के पूर्व ओपनर वसीम जाफर का मानना है कि बिश्नोई को अपने खेल में तुरंत बदलाव करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बल्लेबाज उनकी तेज गति और गेंद में ज्यादा टर्न न होने के कारण उनकी गेंदबाजी को आसानी से पढ़ पा रहे हैं।
मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए इस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट खोकर 190 रन बनाए। इसके जवाब में इंग्लैंड ने 19 ओवरों में 4 विकेट शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया। इंग्लैंड की टीम 16 ओवरों के खेल तक 5 विकेट खोकर 142 रन ही बना सकी थी, लेकिन अगले ओवर में रवि बिश्नोई ने 29 रन लुटा दिए। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मुकाबलों की सीरीज में 1-0 से बढ़त हासिल कर ली है।
वसीम जाफर ने अपने 'यू-ट्यूब' चैनल पर कहा, "मुझे लगता है कि एक बार जब बल्लेबाज रवि बिश्नोई की गेंदबाजी के आदी हो जाते हैं, तो उनका सामना करना आसान हो जाता है। वह लगभग 100 किमी/घंटा की गति से गेंदबाजी करते हैं, और इतनी तेज गति पर उनकी लेग-स्पिन गेंद ज्यादा टर्न नहीं होती। अधिकतर समय, या तो वह टॉप-स्पिन डालते हैं या फिर कुछ अलग करने की कोशिश करते हैं, उनकी गेंदबाजी में एक निश्चित गति होती है। वह गुगली भी डालते हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि बल्लेबाजों ने यह समझ लिया है कि उन्हें कैसे खेलना है।"
हैदराबाद टीम के साथ दो साल के कॉन्ट्रैक्ट पर बतौर मेंटॉर शामिल हुए जाफर ने बताया कि कैसे हाल ही में हुए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) सीजन के दौरान असरदार न रहने की वजह से बिश्नोई को राजस्थान रॉयल्स की प्लेइंग इलेवन से बाहर होना पड़ा था।
वसीम जाफर ने अपने 'यू-ट्यूब' चैनल पर कहा, "मुझे लगता है कि एक बार जब बल्लेबाज रवि बिश्नोई की गेंदबाजी के आदी हो जाते हैं, तो उनका सामना करना आसान हो जाता है। वह लगभग 100 किमी/घंटा की गति से गेंदबाजी करते हैं, और इतनी तेज गति पर उनकी लेग-स्पिन गेंद ज्यादा टर्न नहीं होती। अधिकतर समय, या तो वह टॉप-स्पिन डालते हैं या फिर कुछ अलग करने की कोशिश करते हैं, उनकी गेंदबाजी में एक निश्चित गति होती है। वह गुगली भी डालते हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि बल्लेबाजों ने यह समझ लिया है कि उन्हें कैसे खेलना है।"
Also Read: LIVE Cricket Score
जाफर ने कहा, "आईपीएल को देखें तो भारत के पास गेंदबाजी के कई विकल्प हैं। कुलदीप यादव इस टीम का हिस्सा नहीं हैं। हमने सनराइजर्स के लिए शिवांग कुमार को भी अच्छा प्रदर्शन करते देखा है, इसलिए विकल्प मौजूद हैं। ऐसा नहीं है कि भारत के पास विकल्प नहीं हैं। मुझे लगता है कि सेलेक्टर्स ने अगले वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए रवि बिश्नोई को चुना है। आप युवा खिलाड़ियों पर भरोसा करते हैं और उन्हें मौके देते हैं, ताकि यह देखा जा सके कि क्या वे आईसीसी इवेंट्स में सफल हो सकते हैं और क्या आप उनके इर्द-गिर्द अपनी टीम बना सकते हैं। आखिरकार, सेलेक्टर्स ही यह फैसला लेंगे। रवि बिश्नोई एक अच्छे गेंदबाज हैं, लेकिन मुझे लगता है कि उन्हें अपनी गेंदबाजी में थोड़ी और विविधता लाने की जरूरत है।"