भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन टी20 मैचों की सीरीज गुरुवार से हरारे में शुरू हो रही है। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने मैच से पहले टीम के खिलाड़ियों से नाकामी से डर के बिना खेलने की अपील की।
अय्यर ने मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "इंग्लैंड में हमारा समय थोड़ा मुश्किल रहा। उससे बहुत सारी अच्छी बातें भी हुईं। हमें पता चला कि आगे चलकर एक टीम के तौर पर हमें क्या बनाना है, मैदान पर उतरने के बाद हमें किस तरह की समझदारी, जागरूकता और संतुलन क्षमता दिखानी है। यह हमारे लिए एक बड़ी चुनौती होने वाली है। हममें से कुछ पहली बार खेल रहे हैं, इसलिए हम जितनी जल्दी ढल जाएंगे, हमें उतना ही अच्छा नतीजा मिलेगा।"
कप्तान ने भारत के हाल के विदेशी दौरे को सीखने का एक जरूरी दौर बताते हुए कहा कि अनजान हालातों में बार-बार खेलने से हमें एक मजबूत टीम बनने में मदद मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा, "हमने भारत के बाहर सीरीज खेली है। यह हमारे लिए भी, एक टीम के तौर पर, बहुत अच्छा अनुभव है, क्योंकि ऐसा मौका अक्सर नहीं मिलता। यह एक मुश्किल दौर है। आप जितनी जल्दी इस दौर से निकलेंगे, एक टीम के तौर पर आप उतने ही बेहतर होंगे। आपको आखिर में नतीजे भी मिलेंगे। शेड्यूल की वजह से तैयारी के लिए बहुत कम समय बचा है, लेकिन जल्दी से ढलना अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का हिस्सा है।"
उन्होंने कहा, "दौरा बहुत चुनौतीपूर्ण है। हम कल आए थे, आज अभ्यास, और कल फिर मैच है। यह चुनौतीपूर्ण है, लेकिन मजेदार है। अगर आप इसमें अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो निश्चित रूप से आप खुद से खुश होंगे। हमें जितनी जल्दी हो सके ढलना होगा। आयरलैंड में हमारे साथ यही हुआ था। हमें एक तरह का रियलिटी चेक मिला। हम चीजों को बेहतर तरीके से करेंगे, तो परिणाम निश्चित रूप से हमारे पक्ष में होंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "हमने भारत के बाहर सीरीज खेली है। यह हमारे लिए भी, एक टीम के तौर पर, बहुत अच्छा अनुभव है, क्योंकि ऐसा मौका अक्सर नहीं मिलता। यह एक मुश्किल दौर है। आप जितनी जल्दी इस दौर से निकलेंगे, एक टीम के तौर पर आप उतने ही बेहतर होंगे। आपको आखिर में नतीजे भी मिलेंगे। शेड्यूल की वजह से तैयारी के लिए बहुत कम समय बचा है, लेकिन जल्दी से ढलना अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का हिस्सा है।"
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भारतीय कप्तान ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि उन्हें असफलताओं से डरना चाहिए। जब आपके मन में ऐसे विचार आते हैं, तो आप खुद को बचाने के लिए खेलते हैं। जब आपके मन में असफलता का विचार नहीं होता है, तो आप खुद से श्रेष्ठ निकलवा सकते हैं। मुझे यह संदेश देना है। बाहर जो बातें हो रही हैं, लोग क्या कहेंगे, यह सीरीज ऊपर-नीचे हुई, हमें उसके बारे में ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। हमें आज में रहना है। हम जितना अच्छा क्रिकेट खेलेंगे, एक टीम के तौर पर जितना ज्यादा एकता के साथ खेलेंगे, टीम को उतना ही फायदा होगा।"